शराब पीने के लिए गिलास नहीं देने पर भड़के बदमाश, गालीगलौज, मारपीट के बाद की फायरिंग, पुलिस कर रही तलाश

Gwalior News

Gwalior News : ग्वालियर में बदमाशों को पुलिस का कितना खौफ है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे मामूली बात पर ही गोलियां चला देते है और फरार हो जाते है, ऐसा ही एक मामला ग्वालियर थाना क्षेत्र में आया है जिसमें कुछ बदमाशों ने शराब  पीने के लिए गिलास नहीं देने पर दुकानदार महिला के साथ गालीगलौज की , उसके बेटे के साथ मारपीट की और फिर फायरिंग कर भाग गए ।

पीड़ित ने बताया पूरा घटनाक्रम 

घटना में घायल युवक बॉबी राजपूत ने बताया कि चन्दन नगर में उसकी किराने की दुकान है, उसपर उनकी माँ बैठी थी , तभी तीन शराब पिए लड़के आये और शराब पीने के लिए प्लास्टिक का गिलास मांगने लगे, मम्मी ने दुकान में गिलास नहीं होने पर मना कर दिया तो वे गाली गलौज करने लगे मैं घर के अन्दर से  बाहर आया तो उन्होंने वे झगड़ा करने लगे इतने में शराब पिए लड़का गिर गया तो मैं उसे अस्पताल लेकर गया इसी बीच उनमें से किसी ने फोन का दिया और फिर 30 -40 लड़के आ गए, मेरे साथ मारपीट की चाकू से हमला किया, हम घर में छिप गए तो उन्होंने हवाई फायरिंग की।

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पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश 

एडिशनल एसपी निरंजन शर्मा ने बताया कि कि ग्वालियर थाने में एक शिकायत दर्ज की गई है जिसमें फरियादी ने कहा है कि उनकी दुकान पर नीरज सूर्यवंशी औरआनंद यादव आये और पीने के लिए प्लास्टिक का गिलास मांगने लगे मना करने पर गाली गलौज, झगड़ा, मारपीट कर फायरिंग की है , फरियादी ने सीसीटीवी फुटेज भी दिए है आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गे अहि उनकी तलाश की जा रही है।

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ग्वालियर में फायरिंग की ये घटना कोई पहली घटना नहीं है, यहाँ हवाई फायर करना और अवैध हथियारों से फायरिंग कर दहशत फैलाना सामान्य बात है,पुलिस कर बार हथियार तस्कर पकडती है लेकिन पुलिस अवैध हथियारों की बिक्री और उनके उपयोग पर ब्रेक नहीं लगा पा रही है , यह कारण है कि ग्वालियर में बदमाशों को अपराधियों का खौफ नहीं है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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