अच्छी खबर: PM मातृ वंदना योजना की 3 श्रेणियों में MP को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार

अच्छी खबर: PM मातृ वंदना योजना की 3 श्रेणियों में MP को मिले राष्ट्रीय पुरस्कार

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

मध्यप्रदेश को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में उल्लेखनीय कार्य के लिये तीन श्रेणियों में राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किये गये हैं। केन्द्रीय महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती स्मृति जुबिन इरानी ने नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में प्रदेश की महिला-बाल विकास मंत्री श्रीमती इमरती देवी को ये पुरस्कार प्रदान किये। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय कार्य के लिये राज्य स्तरीय श्रेणी में मध्यप्रदेश को प्रथम पुरस्कार मिला है। योजना में जिला स्तरीय श्रेणी में प्रदेश के इंदौर जिले को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है।प्रधानमंत्री मातृ वंदना सप्ताह के क्रियान्वयन के लिये भी प्रदेश को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ है। प्रदेश में यह सप्ताह 2 से 8 दिसम्बर 2019 को मनाया गया था।

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में प्रदेश में अब तक कुल 14 लाख 55 हजार 501 हितग्राहियों को पंजीकृत किया गया है। लगभग 13 लाख 40 हजार 224 हितग्राहियों को पहली किश्त, 12 लाख 60 हजार 304 हितग्राहियों को दूसरी और 8 लाख 80 हजार 517 हितग्राहियों को तीसरी किश्त का भुगतान किया गया है।

क्या है प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं एवं माताओं को 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। यह सहायता राशि उनके खाते में सीधे जमा कराई जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था, प्रसव और स्तनपान के दौरान महिलाओं को जागरूक करना और जच्चा-बच्चा देखभाल तथा संस्थागत सेवा के उपयोग को बढ़ावा देना है। महिलाओं को पहले 6 महीनों के लिये प्रारंभिक और विशेष स्तनपान का पालन करने के लिये प्रोत्साहित करना और इन्हें बेहतर स्वास्थ और पोषण के लिये नगद प्रोत्साहन प्रदान करना है।

तीन किश्तों में मिलती है प्रोत्साहन राशि

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में पात्र हितग्राही महिला को गर्भावस्था के दौरान पंजीकरण के समय एक हजार रुपये की पहली किश्त, गर्भावस्था के 6 माह बाद और प्रसव के पहले 2 हजार रुपये की दूसरी किश्त दी जाती है। बच्चे के जन्म का पंजीकरण और उसके प्रथम चक्र का टीकाकरण पूरा होने पर 2 हजार रुपये की तीसरी किश्त देय होती है।समारोह में आयुक्त महिला-बाल विकास नरेशपाल कुमार ने विभाग की उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास अनुपम राजन और इंदौर कलेक्टर लोकेश जाटव भी उपस्थित थे।

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