NSUI का जीवाजी विश्वविद्यालय पर हल्ला बोल, पुलिस ने चलाई लाठी, पानी की बौछार की

NSUI का जीवाजी विश्वविद्यालय पर हल्ला बोल, पुलिस ने चलाई लाठी, पानी की बौछार की

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। जीवाजी विश्वविद्यालय (Jiwaji University Gwalior) में नव नियुक्त कुलपति अविनाश तिवारी को हटाने की मांग को लेकर NSUI ने आज मंगलवार को जीवाजी विश्वविद्यालय का घेराव किया और जमकर हंगामा किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पुलिस बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की तो पुलिस ने उनपर वाटर केनन से पानी की बौछार की और लाठी चार्ज कर गिरफ्तार कर लिया।

NSUI प्रदेश अध्यक्ष मंजुल त्रिपाठी के नेतृत्व में छात्रों ने जीवाजी विश्वविद्यालय का घेराव किया।  बड़ी संख्या में जीवाजी विश्वविद्यालय पहुँचे NSUI से जुड़े छात्रों ने कुलपति अविनाश तिवारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हुए उन्हें हटाकर धारा 52 लगाने की मांग की।

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NSUI के प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने  जीवाजी विश्वविद्यालय के गेट पर बैरिकेड लगा दिए थे और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया था। लेकिन आक्रोशित छात्रों पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए।  पुलिस ने रोकने का प्रयास किया , वाटर केनन से पानी की बौछार की लेकिन जब छात्र नहीं माने तो पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए उन्हें तितर बितर कर दिया और गिरफ्तार कर लिया।

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एडिशनल एसपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि छात्रों को समझाने की कोशिश की गई लेकिन जब नहीं माने तो वाटर केनन छोड़ी गई फिर भी नहीं माने तो लाठीचार्ज किया गया। इनके खिलाफ कोरोना गाइडलाइन के उल्लंघन और शासकीय कार्य में बाधा का मामला दर्ज किया जायेगा।  उधर NSUI छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कुलपति हटाओ विश्वविद्यालय बचाओ आंदोलन जारी रहेगा भले ही इसके लिए कितनी भी बार जेल क्यों ना जाना पड़े।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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