सोनिया के इस्तीफे की खबर पर बोले CM “कांग्रेस का कोई खेवनहार नहीं, वो अब दुर्गति को प्राप्त हो रही है”

सोनिया के इस्तीफे की खबर पर बोले CM “कांग्रेस का कोई खेवनहार नहीं, वो अब दुर्गति को प्राप्त हो रही है”

ग्वालियर, अतुल सक्सेना

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अंतरिम राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस्तीफा देने की खबर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर तंज कसा है उन्होंने ग्वालियर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हालांकि मुझे इसकी अभी जानकारी नहीं आपसे ही सुना है। शिवराज सिंह ने कहा
कांग्रेस अब डूब रही है, कांग्रेसियों का नेतृत्व पर विश्वास नहीं रहा । कांग्रेस के कई नेताओं ने मांग की थी कि अध्यक्ष बदला जाए, पूर्णकालिक अध्यक्ष चाहिए। और जब इन्होंने देखा कि कांग्रेस पर कोई नियंत्रण नहीं बचा तो किनारा कर लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अब दुर्गति को प्राप्त हो रही है। कांग्रेस का कोई खेवनहार नहीं बचा है। कांग्रेस के अस्तित्व पर ही प्रश्नचिन्ह लग रहा है ।

ग्वालियर में आयोजित भाजपा के तीन दिवसीय सदस्यता ग्रहण समारोह को कांग्रेस द्वारा असफल बताने पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस के पास अब कहने के के लिए बचा ही क्या है? पूरा ग्वालियर चंबल संभाग भारतीय जनता पार्टी मय हो गया है। बड़े उत्साह के साथ लोग भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहे हैं , कांग्रेस का यहां नामो निशान मिट रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के रविवार को ग्वालियर में युवा कांग्रेस के धरने में शामिल होने के सवाल पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उनकी किस्मत में धरना देना ही लिखा है, जब कमलनाथ मुख्यमंत्री थे, उनके विधायक जा रहे थे, तब भी दिग्विजय धरना दे रहे थे, कभी बेंगलुरु में धरना दे रहे थे, तो कभी और कहीं दे रहे थे, अब वो धरना देने का ही काम करेंगे।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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