नए साल के पहले ही दिन लोकायुक्त की गिरफ्त में रिश्वतखोर, 5000 रुपये की घूस लेते पटवारी गिरफ्तार

Gwalior Lokayukta Police Action

Gwalior Lokayukta Police Action : सरकार की सख्ती के बावजूद भ्रष्ट शासकीय सेवक रिश्वत लेने से बाज नहीं  आ रहे है , आज नये साल 2024 के पहले ही दिन एक भ्रष्ट शासकीय सेवक लोकायुक्त के जाल में फंस गया, ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने रिश्वत लेते हुए पटवारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

ग्वालियर लोकायुक्त एसपी से मिली जानकारी के मुताबिक भिंड जिले के गोहद तहसील के ग्राम बिशबारी सुहांस में रहने वाले किसान रवि बघेल ने ग्वालियर कार्यालय में एक शिकायती आवेदन दिया था, जिसमें हल्का पटवारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत की थी।

दादी ने नाम की जमीन का नामांतरण करने मांगी रिश्वत  

फरियादी ने आवेदन में बताया कि उसकी दादी के नाम  की जमीन का फोती नामांतरण करने के लिए उसने तहसील कार्यालय गोहद जिला भिंड में आवेदन दिया था वहां पदस्थ पटवारी हल्का क्रमांक 01 पंकज खरगो इसके लिए उससे रिश्वत की मांग कर रहा है।

ग्वालियर निवास पर रिश्वत लेकर पटवारी ने बुलाया 

शिकायती आवेदन के बाद लोकायुक्त ने फरियादी को एक रिकॉर्डर दिया और रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर ट्रेप की प्लानिंग की, तय समय पर आज फरियादी किसान रवि बघेल 5000 रुपये की रिश्वत लेकर पटवारी पंकज खरगो के निवास डीडी नगर के पास ग्वालियर में पहुंचा।

5000 रुपये हाथ में लेते ही लोकायुक्त ने पटवारी को गिरफ्तार किया  

किसान रवि बघेल ने जैसे ही पटवारी पंकज खरगो को रिश्वत की राशि 5000 रुपये दिए लोकायुक्त की टीम ने उसे दबोच लिया,   लोकायुक्त ग्वालियर की टीम में मौजूद डीएसपी विनोद सिंह कुशवाह, इसंपेक्टर कवीन्द्र सिंह चौहान, रानीलता नामदेव, ब्रज मोहन नरवरिया एवम अन्य 15 सदस्यों ने उसके हाथ धुलवाए जो गुलाबी हो गए जिसके बाद अरोपिपत्वारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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