थम नहीं रहा “महाराज” का विरोध, अब एक निगमकर्मी ने चिपकाए आपत्तिजनक भाषा के पर्चे

थम नहीं रहा “महाराज” का विरोध, अब एक निगमकर्मी ने चिपकाए आपत्तिजनक भाषा के पर्चे

ग्वालियर। अतुल सक्सेना| सिंधिया परिवार (Scindia Family) के खिलाफ ग्वालियर चंबल अंचल (Gwalior-Chambal) में कोई भी व्यक्ति कुछ भी बोलने से पहले सौ बार सोचता था, लेकिन जबसे ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा (BJP) जॉइन की है तब से उनके खिलाफ खुलकर लोग बगावत पर उतर आये हैं। कभी होर्डिंग बैनर से नाम गायब होता है तो कभी कांग्रेस नेता उनके लापता होने के पोस्टर चिपकाते हैं। लेकिन आज तो पराकाष्ठा हो गई जब एक निगम कर्मी ने सिंधिया के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे छपवाकर चिपका दिये। पर्चे में बाल्मीकि समाज के नेताओं के खिलाफ भी आपत्तिजनक बातें कही गई है। इस मामले में कोतवाली में FIR दर्ज कराई गई है।

कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आने के बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया के खिलाफ कांग्रेस तो आक्रामक है ही अब बाल्मीकि समाज का गुस्सा भी सामने आया है। गुरुवार को शहर के हृदय स्थल की ऐतिहासिक इमारतों सहित वार्ड क्रमांक 17,18 सहित अन्य जगहों पर एक पर्चा चिपकाया गया। जिसपर पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। पर्चे में बाल्मीकि समाज के आठ नेताओं के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए सिंधिया पर उन्हें संरक्षण देने के आरोप लगाए। पर्चे के सबसे नीचे अशोक धवल, WHO( वार्ड हेल्थ ऑफिसर) गड्डे वाला मोहल्ला, लक्षमणपुरा पड़ाव लिखा है।

पर्चे चिपकने की सूचना मिलते ही सिंधिया समर्थक बाल्मीकि समाज के नेता इकट्ठे हो गए और उन्होंने महाराज बाड़े पर लगे पर्चे फाड़ दिये। सभी नेता हुजरात कोतवाली पहुंचे और पुलिस के सामने शिकायत दर्ज कराई। बाल्मीकि समाज के नेता गुरुमुख करोसिया ने आरोप लगाए कांग्रेस के नेताओं पर नगर निगम के WHO ने महाराज साहब के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द लिखे हैं और हमारे बाल्मीकि समाज के नेताओं पर भी अभद्र टिप्पणी की है इसके खिलाफ हमने हुजरात कोतवाली में FIR कराई है। इसके पीछे कौन कौन लोग शामिल हैं उनपर कार्रवाई की मांग की है। सीएसपी आत्माराम शर्मा ने कहा कि बाल्मीकि समाज के लोगों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने एक पर्चा भी दिया है जिसकी जाँच की जायेगी और आरोपियों के खिलाफ नियमनुसार कार्रवाई की जायेगी।

बहरहाल मामला पुलिस तक पहुँच गया है। लेकिन इसे आश्चर्य या विडंबना ही कहा जायेगा कि जहाँ कभी राजनीति में पत्ता भी “महाराज” की मर्जी के बिना नहीं हिलता था और फिर जो नेता कांग्रेस में रहते खुद को सिंधिया समर्थक कहलवाने में गर्व महसूस करते थे आज वे ही लोग खुलकर सिंधिया के खिलाफ बयान दे रहे हैं और विरोध दर्ज करा रहे हैं। गौरतलब है कि बीते महीने 24 मई को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह राजावत ने सिंधिया के लापता होने के पोस्टर लगाए थे बड़ी बात ये है कि ये पोस्टर उन्होंने महल गेट पर चिपकाए थे हालांकि इन पोस्टरों को तत्काल सिंधिया समर्थकों ने फाड़ दिया था और मामले मे FIR हुई और कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी भी हुई। लेकिन ये बात समझ आ परे है कि इतना सब हो जाने के बाद भी “महाराज” मौन क्यों हैं?

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