ऑनलाइन आर्डर की 500 रुपये की स्मार्ट वॉच, पार्सल में निकला 5 रुपये वाला साबुन, पुलिस में मामला दर्ज

ग्राहक उमेश ने डिलीवरी बॉय के सामने ही उस पार्सल को खोला तो उसमें से स्मार्ट वॉच की जगह पांच रुपये वाला घड़ी साबुन निकला, जिसपर उमेश रावत के होश उड़ गए।
Gwalior News

Gwalior News : दिवाली को देखते हुए साइबर ठगी के मामलों में तेजी देखने को मिल रही हैं, ऑनलाइन खरीददारी के बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए जालसाजों ने अब फर्जी ऑनलाइन चेन बना ली है जिसमें फंसकर लोग अपनी कमाई गंवा रहे हैं, ग्वालियर में भी ठगी का एक ऐसा ही मामला सामने आया है, यहाँ एक युवक ने 500 रुपये की स्मार्ट वॉच ऑनलाइन ऑर्डर की लेकिन उसके पास पहुंचे पार्सल में 5 रुपये वाला घडी साबुन निकला, युवक ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में की है।

ग्वालियर के झाँसी रोड थाना क्षेत्र की एक फैक्ट्री में काम करने वाले उमेश रावत ने पिछले दिनों इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन जिसमें 499 रुपये में स्मार्ट वॉच बेचीं जा रही थी, ऑनलाइन इतनी सस्ती स्मार्ट वॉच मिलती देखकर उमेश ने उसे आर्डर कर दिया, अब जब उनके पास पार्सल आया तो उनके होश ही उड़ गए।

पार्सल में smart watch की जगह निकला साबुन 

दरअसल हुआ यूँ कि डिलीवरी बॉय ने आकर उमेश को स्मार्ट वॉच का पार्सल दिया लेकिन  कैश ओन डिलीवरी (COD) आर्डर होने के कारण उसने पहले पैसे मांगे जो उमेश ने ट्रांसफर कर दिए, अब जब उसने डिलीवरी बॉय के सामने ही उस पार्सल को खोला तो उसमें से स्मार्ट वॉच की जगह पांच रुपये वाला घड़ी साबुन निकला, जिसपर उमेश रावत ने ऐतराज जताया।

Gwalior के झाँसी रोड पुलिस थाने में की शिकायत 

उसने आपत्ति जताते हुए इसकी  शिकायत झाँसी रोड थाना पुलिस में जाकर की वो डिलीवरी बॉय को भी साथ लेकर पुलिस थाने गया उसने वीडियो भी पुलिस को सौंपा है, हालाँकि डिलीवरी बॉय इसे रिटर्न कर पैसे वापस आ जाने की बात कर रहा है और कह रहा है कि ये कंपनी की गलती से हुआ होगा लेकिन उमेश इसपर एक्शन चाहता है, उधर सीएसपी हिना खान ने कहा है कि हमें शिकायत मिली है मामले की जाँच की जाएगी।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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