ग्वालियर एयरपोर्ट की नई एयरटर्मिनल बिल्डिंग बनकर तैयार, PM मोदी 10 मार्च को करेंगे शुभारंभ, सीएम यादव- सिंधिया भी होंगे शामिल

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Gwalior News : ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट पर लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुई नई एयरटर्मिनल बिल्डिंग का लोकार्पण 10 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, पीएम मोदी कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़ेंगे वहीं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य ग्वालियर में इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

10 मार्च को ग्वालियर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का शुभारंभ 

जानकारी के मुताबिक 10 मार्च को प्रस्तावित लोकार्पण कार्यक्रम महाराजपुरा स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया एयरपोर्ट परिसर में आयोजित किया जायेगा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई अन्य जन प्रतिनिधि शामिल होंगे , एयरपोर्ट मैनेजमेंट करीब 25 हजार लोगों के शामिल होने के अनुमान के हिसाब से तैयारी कर रहा है, इसके लिए तीन आलग अलग डोम तैयार किये जा रहे हैं।

500 करोड़ की लगत से तैयार, इतिहास, संस्कृति और आधुनिकता का मिश्रण 

आपको बता दें कि करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से ग्वालियर एयरपोर्ट की ये नई एयरटर्मिनल बिल्डिंग तैयार हुई है , बताया जा रहा है कि देश में तैयार किसी भी हवाई अड्डे में बनने वाली किसी भी बिल्डिंग की तुलना में ग्वालियर एयरपोर्ट की नई सबसे कम समय में बनकर तैयार हुई है, खास बात ये है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया की विशेष निगरानी में बनकर तैयार हुई नई बिल्डिंग में इतिहास, संस्कृति और आधुनिकता का मिश्रण देखने को मिलेगा।

इन सुविधाओं का रखा गया विशेष ध्यान 

एयरपोर्ट का विस्तार इस बात को ध्यान में रखकर किया गया है कि अब से ग्वालियर एयरपोर्ट पर बड़े विमान भी खड़े हो सकेंगे, यहाँ एयरोब्रिज तैयार किये गए हैं बड़े विमान इसके पास खड़े होंगे और यात्री एयरोब्रिज के माध्यम से सीधे विमान से जा सकेंगे, आपको बता दें कि ग्वालियर इस समय दिल्ली, हैदराबाद, बेंगलुरु, इंदौर, अहमदाबाद, मुंबई और अयोध्या से सीधा जुड़ा है।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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