बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री को प्रीतम लोधी ने दी खुली चुनौती, किया आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग

बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री को प्रीतम लोधी ने दी खुली चुनौती, किया आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। ब्राह्मणों पर टिप्पणी कर विवादों में आने के बाद भाजपा से निष्कासित नेता प्रीतम लोधी (Pritam Lodhi) ने अब सामाजिक मंच से हुंकार भरी है। प्रीतम लोधी ने बुधवार को ग्वालियर में ओबीसी महासभा (OBC Mahasabha) के बैनर तले मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा ब्राह्मणों का आदर किया है और करता रहूँगा। प्रीतम लोधी ने कथावाचक बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री के बयान पर पलटवार करते हुए आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि मेरे सामने आकर वो दिखा दें तो मैं जानू।

भाजपा से निष्कासित किये गए प्रीतम लोधी (Expelled BJP leader Pritam Lodhi) ने अब ओबीसी, एससी समाजों को एकजुट करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैं अब किसी राजनीतिक मंच पर नहीं जाउंगा बल्कि निचले और गरीब तबके को एक जुट कर उनकी लड़ाई लडूंगा। उन्होंने कहा कि मुझपर ब्राह्मण समाज ने नहीं राजनैतिक पार्टियों ने एफआईआर कराई हैं। लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूँ।

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प्रीतम लोधी ने कहा कि मैंने कुछ तथाकथित लोगों के लिए कह दिया तो मुझपर एफआईआर कराई गई लेकिन कथावाचक बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से मुझे कुचलने की बात कही अपने समाज को उकसाया तो उनपर एफआईआर क्यों नहीं हुई। इस प्रदेश में अब दो कानून चल रहे हैं जिसे चलने नहीं दिया जायेगा।

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मीडिया के सवाल का जवाब देते हुए प्रीतम लोधी ने बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री (Dhirendra Shastri of Bageshwar Dham) के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए खुली चुनौती देते हुए कहा कि प्रीतम लोधी कोई छोटा आदमी नहीं है, वो मेरे सामने ही आकर दिखा दें तो मैं जानू।

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Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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