राम मंदिर निर्माण की भूमिका तय करने MP में जुटेंगे निर्मोही अखाड़े के संत

राम मंदिर निर्माण की भूमिका तय करने MP में जुटेंगे निर्मोही अखाड़े के संत

ग्वालियर। अयोध्या में बनने जा रहे भव्य राम मंदिर के लिए प्रस्तावित ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े की भूमिका क्या होगी और इस ट्रस्ट में कौन कौन शामिल होगा तय करने के लिए 20 जनवरी को ग्वालियर में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में शामिल होने देश के अलग अलग जगह से निर्मोही अखाड़े के साधू संत आएंगे।

ग्वालियर की ऐतिहासिक गंगादास की बड़ी शाला के महंत पूरन वैराठी पीठाधीश्वर रामसेवक दास महाराज के मुताबिक 1885 से ही रामलला की पूजा उनको भोग प्रसादी आदि में निर्मोही अखाड़े की प्रमुख भूमिका रही है। चूंकि अब सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने की घोषणा की है और उसमें निर्मोही अखाड़ा भी शामिल है। इसलिए ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़े की भूमिका और प्रतिनिधित्व तय करने के लिए शाला में 20 जनवरी को एकबड़ी बैठक का आयोजन किया जा रहा है । उन्होंने बताया कि बैठक में मध्यप्रदेश में स्थित निर्मोही अखाड़ों की बैठकों के अलावा उत्तरप्रदेश , राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों की बैठकों के साधू संत शामिल होंगे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews