Gwalior News : सड़क पर दो भ्रूण मिलने से सनसनी, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी

Gwalior News : सड़क पर दो भ्रूण मिलने से सनसनी, पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी

Gwalior News : ग्वालियर व्यापार मेला ग्राउंड के पीछे आम रास्ते पर दो नवजातों के भ्रूण मिलने से सनसनी फ़ैल गई। राहगीरों ने पुलिस को इसकी सूचना दी जिसके बाद पुलिस ने दोनों भ्रूण को पीएम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि इस बात का पता लगाया जायेगा कि कौन इन्हें इस तरह फेंक कर गया है और फिर उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

भ्रूण देखकर लोगों को आया गुस्सा 

ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्वालियर व्यापार मेला ग्राउंड के पास से गुजरने वाले लोगों की नजर जब भ्रूण पर पड़ी तो वे चौंक गए, लोग चर्चा करने लगे कि कौन ऐसे अपने जिगर के टुकड़ों के फेंक गया, लोगों का गुस्सा बढ़ता उससे पहले ही किसी ने पुलिस को सूचना दे दी और पुलिस ने दोनों भ्रूण को पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने कहा ऐसा करना अमानवीय और अवैधानिक 

एडिशनल एसपी राजेश डंडोतिया ने बताया पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों ने बताया है कि दोनों मृत ही पैदा हुए थे। लेकिन बच्चों के भ्रूण को इस तरह से सड़क पर फेंकना अमानवीय ही नहीं अवैधानिक भी है। बच्चों के भ्रूण को यदि वह मृत भी पैदा हुए थे तो उनका विधिवत अंतिम संस्कार किया जाता है या उन्हें दफनाया जाता है। ऐसे में भ्रूण फेंक कर बच्चों के माता-पिता ने अपराध किया है।

पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी फुटेज 

पुलिस का कहना है कि अब इस रास्ते में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जाएंगे। उसके आधार पर पुलिस इन बच्चों के असली माता पिता के बारे में जानकारी हासिल करेगी और उनके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई भी की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने इन दोनों भ्रूणों को दफना दिया है। पुलिस इस एंगल पर भी नजर रख रही है कि भ्रूण एक ही मां के हैं अथवा उनकी अलग-अलग मां है।

[dgv_vimeo_video id=”805465356″]

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews