समर्थक मंत्री बोले-“महाराज ने सोने की चम्मच से दूध पिया, अपना अतीत झांकें कांग्रेस”

समर्थक मंत्री बोले-“महाराज ने सोने की चम्मच से दूध पिया, अपना अतीत झांकें कांग्रेस”

ग्वालियर।अतुल सक्सेना।

ज्योतिरादित्य सिंधिया जब कांग्रेस में थे तब भाजपा के नेता उनके ऊपर भू माफिया होने के आरोप लगाते थे । विधानसभा चुनावों में पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा भी बनाया था लेकिन अब जब वे भाजपा में आ गए तो भाजपाई चुप हो गए । मगर अब कांग्रेस मुखर हो गई है। कांग्रेस के नेता लगातार ज्योतिरादित्य सिंधिया पर भू माफिया होने एवं ग्वालियर, शिवपुरी सहित प्रदेश में कई जगह सरकारी जमीनों पर कब्जा करने के आरोप लगा रही है। कुछ मामले तो कोर्ट तक पहुँच गए हैं। हालांकि सिंधिया इस मामले में ज्यादा रिएक्ट नहीं करते लेकिन उनके समर्थकों ने कांग्रेस को करारा जवाब दिया है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं कट्टर सिंधिया समर्थक नेता प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं वो अपना अतीत झांकें, वो देखें कि पहले वे क्या थे और आज क्या हैं । रही बात सिंधिया जी की तो महाराज ने राज परिवार में जन्म लिया हैं जहाँ उन्होंने सोने जी चम्मच में दूध पिया है उन्हें ये काम करने की क्या जरूरत। इसलिए आरोप लगाने वाले पहले अपना जमीर झांक लें, अपनी समीक्षा करें, आत्म चिंतन करें। मंत्री तोमर ने कहा कि ऐसे लोगों के बारे में मैं ज्यादा कुछ कहना नहीं चाहता।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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