सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य देकर, शंख ध्वनि के साथ किया नव वर्ष का स्वागत, शास्त्रीय नृत्य और गायन ने बिखेरी अद्भुत छटा

सूर्य की पहली किरण को अर्घ्य देकर, शंख ध्वनि के साथ किया नव वर्ष का स्वागत, शास्त्रीय नृत्य और गायन ने बिखेरी अद्भुत छटा

Gwalior News : हिंदू पंचांग के अनुसार आज से नव वर्ष शुरू हो गया, ग्वालियर में भगवान भुवन भास्कर यानि सूर्य की प्रथम किरण को अर्घ्यदान कर शहरवासियों ने सुख-समृद्वि की कामना की, शहर के लोगों ने पारंपरिक तरीके से पिंगलनाम नवसवंत्सर का स्वागत कर नूतन वर्ष का अभिनंदन किया।

ग्वालियर नगर निगम ने आज पिंगलनाम नवसंवत्सर के स्वागत के लिये नव संवत्सर महोत्सव का आयोजन जलविहार पर  किया, आयोजन में शहर के सैकड़ों गणमान्य नागरिकों ने भगवान भुवन भास्कर की प्रथम किरण को अर्घ्य दान कर नव वर्ष का स्वागत किया तथा ग्वालियर शहर के विकास, ग्वालियर शहर को स्वच्छता में नम्बर 1 बनाने एवं नागरिकों की सुख समृद्वि की कामना की।

इस विशेष अवसर पर कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह, नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के यशवंत इंदापुरकर, पूर्व महापौर श्रीमती समीक्षा गुप्ता, संगीत विश्वविद्यालय के कुलपति साहित्य कुमार नाहर, अपर आयुक्त आर के श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

नगर निगम, ग्वालियर एवं संस्कार भारती के संयोजन में फूलबाग स्थित जलविहार के मनमोहक, आकर्षक विद्युत सज्जा से सजे परिसर में आयोजित नव सवंत्सर महोत्सव का शुभारंभ प्रातः 4:40 बजे, संकीर्तन यात्रा के साथ किया गया।

इसके पश्चात सुश्री लक्ष्मी धवल द्वारा शुभारंभ गीत “ज्योति कलश छलके” की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर किया गया। संस्कार भारती के कलाकारों द्वारा जैन वाणी प्रार्थना की प्रस्तुति दी गई। वैदिक ऋचाओं का वाचन किया गया।

इसके साथ ही शारदा नाद मंदिर के छात्र-छात्राओं द्वारा संकल्प गीत की प्रस्तुति दी गई, जिसमें “हम करें राष्ट्र आराधन” की प्रस्तुति दी गई तथा कार्यक्रम के अगले क्रम में 5:24 मिनट पर पंडित संतोष संत इंदौर के द्वारा बांसुरी वादन की प्रस्तुति की गई।

कार्यक्रम के अगले क्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रमतूला एवं शंख ध्वनि के साथ भगवान भुवन भास्कर की प्रथम रश्मि को अर्घ्यदान देकर शहर के विकास एवं जगत कल्याण की कामना के साथ जलविहार परिसर में उपस्थित सैकड़ों की संख्याओं में गणमान्य नागरिकों द्वारा दी गई।

नगर निगम आयुक्त किशोर कन्याल द्वारा शहरवासियों को नूतन वर्ष की शुभकामनाएं एवं संदेश दिया। जिसमें निगमायुक्त ने कहा कि आज सृष्टि के सृजन का दिवस है। अब नूतन वर्ष में हमारे सामने सबसे महत्वपूर्ण चुनौती हैं, जिसमें हम सभी को स्वच्छता की आदत को अपने जीवन में डालनी होगी। सभी महिलाएं एवं पुरुष स्वच्छता को अपने जीवन में अपनाएं। जब हमारा शहर स्वच्छ होगा तो हम सभी स्वस्थ्य एवं समृद्वशाली रहेगें। उन्होंने कहा कि नवसंवत्सर नए संकल्प लेने का अवसर है। आज इस नए वर्ष के अवसर पर हम सभी को अपने शहर ग्वालियर को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाने का संकल्प लेना चाहिए।

इसके पश्चात सुश्री अंकिता अनूप कैलसिया द्वारा स्वच्छता गीत की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रमों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां प्रांरभ की गई जिसमें देवी आव्हान आगोमनी बीएससीए द्वारा तथा सूर्यआव्हान समूह नृत्य की प्रस्तुति एवं प्रमुख पारंपरिक वाद्यों की संगत लोक वाद्य कचहरी की प्रस्तुति कल्पना विनोद मिश्रा दतिया द्वारा दी गई। इसके बाद माइकल समूह द्वारा श्री गणेश वंदना की प्रस्तुति, कल्याण कत्थक केन्द एवं शिखा डांस अकादमी के कलासाधकों द्वारा लोक परंपरापराओं पर आधारित नृत्यांजलि की प्रस्तुति दी गई।

कला संयोग नृत्य अकादमी के कलाकारों द्वारा शास्त्रीय नृत्य एवं सुश्री वैष्णवी शर्मा द्वारा भरतनाटयम की प्रस्तुति दी गई। वहीं कत्थक निकेतन एवं अन्य संस्थानों के कलाकारों द्वारा भी विभिन्न आयोजनों की प्रस्तुति दी गई।

नव सवंत्सर स्वागतोत्सव महोत्सव के अवसर पर जलबिहार परिसर में संस्कार भारती सामाजिक संस्था के अनेक पदाधिकारीगण एवं अन्य सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी व अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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