गेहूं उपार्जन केंद्र पर कम मिले तौल कांटे, समिति प्रबंधक निलंबित, खरीदी प्रभारी का वेतन काटने, नोडल अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश

कलेक्टर रुचिका चौहान ने निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिए कि समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं का तत्परता से सुरक्षित भण्डारण कराएं, जिससे बेमौसम बारिश से गुण खराब न हो। इस काम में ढिलाई नहीं बरती जाए। 
Gwalior Collector inspects wheat procurement center

Gwalior Collector inspects wheat procurement center

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जबसे गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया है उसके बाद से प्रशासनिक अमला भी फील्ड में है और औचक निरीक्षण कर रहा है, इसी क्रम में ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने शहर में स्थित गेहूं उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, उन्होंने तौल कांटे कम मिलने पर फटकार लगाई और समिति प्रबंधक को निलंबित कर दिया।

ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने आज मंगलवार को शहर में लक्ष्मीगंज मंडी स्थित सीडब्ल्यूसी के गोदाम परिसर में हरिलीला सहकारी समिति द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया, जानकारी लेने पर कलेक्टर को मालूम चला कि यहाँ तौल कांटों की संख्या तीन ही है तो उन्होंने फटकार लगाई, कलेक्टर की फटकार लगते ही तत्काल बंद पड़ा चौथा तौल कांटा चालू कराया गया।

लापरवाही पर समिति प्रबंधक निलंबित 

सरकार द्वारा प्रत्येक खरीदी केंद्र पर तौल कांटों की संख्या 6 करने के निर्देश के बावजूद इस खरीदी केंद्र पर संख्या कम मिलने पर कलेक्टर रुचिका चौहान ने नाराजगी जाहिर की उन्होंने  यहां के समिति प्रबंधक रामकृष्ण साहू को निलंबित कर दिया। इसी के साथ कलेक्टर ने खरीदी प्रभारी का वेतन काटने और इस क्षेत्र के नोडल अधिकारी की वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

किसानों से साफ गेहूं लाने की अपील 

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वेयर को निर्देश दिए कि खरीदी से पहले एफएक्यू के अनुसार गेहूं की गुणवत्ता अवश्य देखें उन्होंने कहा उपार्जित गेहूं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित किया जाता है इसलिये इसकी गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने किसानों से भी साफ-सुथरा एवं छना हुआ गेहूं लेकर आने का आग्रह किया, ताकि तुलाई कार्य तेजी से हो सके।

हर केंद्र पर कम से कम 6 तौल-कांटे जरूरी 

कलेक्टर रुचिका चौहान ने निर्देश दिए कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिये प्रत्येक खरीदी केन्द्र कम से कम 6 तौल-कांटे अवश्य होना चाहिए, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिये ज्यादा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि जिस खरीदी केंद्र पर तौल-कांटे कम मिले और किसानों के लिये सुविधाओं की कमी हुई तो वहां के समिति प्रबंधक सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।

उपार्जित गेहूं गोदामों में समय से पहुँचाने के निर्देश 

कलेक्टर रुचिका चौहान ने निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देश दिए कि समर्थन मूल्य पर खरीदे गए गेहूं का तत्परता से सुरक्षित भण्डारण कराएं, जिससे बेमौसम बारिश से गुण खराब न हो। इस काम में ढिलाई नहीं बरती जाए।  कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खरीदी केन्द्र पर किसानों को पेयजल के लिये पूर्व से लगे वाटरकूलर के अलावा मटके भी रखवाएं। उन्होंने खरीदी केन्द्रों पर गुड़-चना व शीतल पेयजल इत्यादि की व्यवस्था भी पर्याप्त रखने के निर्देश दिए ।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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