सिंधिया ने क्यों कहा- “टेलीफोन पर करें मुझसे संपर्क”, देखिये वीडियो

सिंधिया ने क्यों कहा- “टेलीफोन पर करें मुझसे संपर्क”, देखिये वीडियो

ग्वालियर/अतुल सक्सेना। मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों को देखते हुए सरकार अपनी तरफ से बचाव के हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेषज्ञों की सलाह पर पूरे देश में 21 दिन का लॉक डाउन घोषित किया है। इस बीच प्रदेश में भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सिंह समेत अन्य राजनेता लोगों से सोशल डिस्टेंस बनाये रखने और घर के अंदर ही रहने की अपील कर रहे हैं। वहीं अब वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक नया वीडियो जारी किया कर इस समय एकजुट रहने की अपील की है।

प्रधानमंत्री के 21 दिन के लॉक डाउन के समर्थन में सिंधिया पहले ही एक वीडियो जारी कर चुके हैं, अब अपने ट्वीटर हैंडल पर उन्होने एक और वीडियो मैसेज पोस्ट किया है जिसमें उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी का मुकबला हमें एकजुटता से करना होगा । प्रधानमंत्री द्वारा की गई लॉक डाउन की घोषणा का पालन हमें खुद के लिए ही नहीं बल्कि परिजनों, प्रदेश और देश के लिए करना है और इस वातावरण में सुरक्षित रहना जरूरी है। सिंधिया ने कहा कि मुझे मालूम है कि इस समय बहुत से लोगों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है ऐसी स्थिति में हमारे कार्यकर्ता सदैव आपकी मदद के लिए उपलब्ध है और मैं भी टेलीफोन पर आपके लिए सदैव उपलब्ध हूँ। आपको कोई भी कठिनाई आये आप मुझसे टेलीफोन पर संपर्क कर सकते हैं।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews