युवक की गोली मारकर हत्या, पहाड़ी पर मिला शव, मृतक पर दर्ज हैं कई मामले, पुलिस ने दर्ज किया मामला

पुलिस का कहना है कि मृतक इरफान पर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले थाने में दर्ज है और मृतक युवक नशा करने का भी आदी हैपुलिस का कहना है कि मृतक इरफान पर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले थाने में दर्ज है और मृतक युवक नशा करने का भी आदी है ।
Gwalior murder

Gwalior News : ग्वालियर में अज्ञात बदमाशों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक युवक का शव एक पहाड़ी के सुनसान इलाके में पड़ा मिला। आरोपियों ने युवक के शरीर पर दो गोली मारी हैं। घटना पुरानी छावनी थाना क्षेत्र के बदनापुरा पहाड़ी की है। मृतक युवक पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि पुरानी छावनी थाना पुलिस को आज सूचना मिली थी कि बदनापुरा पहाड़ी के सुनसान जगह पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव पड़ा हुआ है। सूचना पर पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और  वहां शव की पड़ताल कर फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुला लिया।

शरार पर गोलियों के निशान 

जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को युवक के शरीर पर दो गोलियों के निशान मिले। जिससे साफ हो गया कि किसी ने उसकी गोली मारकर हत्या की है। आसपास इलाके में हत्या की खबर फैली तो मौके पर स्थानीय लोग पहुंचे तो बदनापुर के रहने वाले हसन अली ने उस लाश को पहचान लिया वहां उसका 29 साल का बेटा इरफान अली का शव निकला।

मृतक पर दर्ज है कई आपराधिक प्रकरण 

हसन अली ने पुलिस को बताया कि वहां उसका बेटा इरफान शादी में शामिल होने गया था और रात के 12 बजे तक शादी में था लेकिन उसके बाद वहां वापस घर नहीं लौटा, पुलिस का कहना है कि मृतक इरफान पर आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मामले थाने में दर्ज है और मृतक युवक नशा करने का भी आदी है। अपराधिक प्रवृत्ति का होने के चलते उसके कई दुश्मन भी हो सकते हैं। पुलिस हर एंगल पर जांच कर रही है। पुलिस ने घटना स्थल से मृतक इरफान के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है।

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ग्वालियर से अतुल सक्सेना की रिपोर्ट 

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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