मध्य प्रदेश के हरदा जिले से आई यह खबर सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि हजारों लोगों की भावनाओं से जुड़ी कहानी है। नर्मदा तट पर बसे हंडिया गांव को अब आधिकारिक रूप से तीर्थ स्थल घोषित कर दिया गया है। वर्षों से यहां आने वाले श्रद्धालु इस स्थान को पवित्र मानते रहे हैं, लेकिन अब सरकार की मान्यता मिलने से इसकी पहचान और मजबूत हो गई है।
यह फैसला स्थानीय लोगों, संत समाज और जनप्रतिनिधियों की लगातार मांग के बाद लिया गया। गांव के लोगों का कहना है कि अब यहां धार्मिक माहौल और ज्यादा सुदृढ़ होगा और आने वाले समय में क्षेत्र का विकास भी तेजी से होगा।
हरदा जिला के हंडिया को मिला आधिकारिक तीर्थ स्थल का दर्जा
हंडिया गांव लंबे समय से धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। यह गांव पवित्र नर्मदा नदी के किनारे स्थित है और नर्मदा परिक्रमा करने वाले हजारों श्रद्धालु यहां हर साल पहुंचते हैं। लोग इसे आध्यात्मिक शांति और श्रद्धा का स्थान मानते रहे हैं।
अब राज्य सरकार ने इसे औपचारिक रूप से तीर्थ स्थल घोषित कर दिया है। इससे हंडिया का नाम राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल हो गया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस फैसले से गांव की धार्मिक पहचान देशभर में और मजबूत होगी।
हंडिया और नेमावर में शराब और मांस बिक्री पर रोक
सरकार द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि नर्मदा तट पर स्थित धार्मिक स्थानों की पवित्रता बनाए रखने के लिए शराब और मांस की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा रहा है। इस निर्णय का उद्देश्य धार्मिक वातावरण को सुरक्षित रखना और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करना है।
स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। लोगों का कहना है कि तीर्थ स्थल बनने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ेगी, जिससे व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।
हालांकि प्रशासन के सामने अब चुनौती भी है कि इस फैसले का सख्ती से पालन करवाया जाए, ताकि धार्मिक माहौल प्रभावित न हो।
परिक्रमा पथ निर्माण से बढ़ेगा धार्मिक पर्यटन
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हंडिया में परिक्रमा पथ बनाने का निर्णय भी लिया गया है। इससे आने वाले लोगों को दर्शन और पूजा के दौरान आसानी होगी।
परिक्रमा पथ बनने से बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही धार्मिक पर्यटन को भी नया बल मिलेगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
पर्यटन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर बुनियादी सुविधाएं बेहतर हों तो छोटे धार्मिक स्थल भी बड़े पर्यटन केंद्र बन सकते हैं।
वर्षों पुरानी मांग अब हुई पूरी
हंडिया को तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग कोई नई नहीं थी। लंबे समय से स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे को उठाते रहे थे। उनका कहना था कि यहां की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को देखते हुए इसे सरकारी मान्यता मिलनी चाहिए।
अब इस फैसले के बाद गांव में खुशी का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में सड़क, सफाई, बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं में भी सुधार होगा।






