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हरदा पॉलिटेक्निक कॉलेज का निरीक्षण, मंत्री ने अव्यवस्थाओं पर लगाई कड़ी फटकार

Written by:Bhawna Choubey
Published:
हरदा के शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज के निरीक्षण में मंत्री इंदर सिंह परमार ने जर्जर भवन, गंदगी और खराब व्यवस्था देखकर नाराजगी जताई, छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए तत्काल सुधार और संसाधन बढ़ाने के सख्त निर्देश दिए गए।
हरदा पॉलिटेक्निक कॉलेज का निरीक्षण, मंत्री ने अव्यवस्थाओं पर लगाई कड़ी फटकार

हरदा जिले के एकमात्र शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में उस समय हलचल मच गई जब प्रदेश के उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। कॉलेज परिसर में प्रवेश करते ही जो तस्वीर सामने आई उसने सभी को चौंका दिया। भवन की हालत जर्जर थी, कमरों में धूल जमी हुई थी और कई जगहों पर टूट-फूट साफ दिखाई दे रही थी।

कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों और अभिभावकों को लंबे समय से यहां की अव्यवस्थाओं की शिकायत थी। लेकिन जब मंत्री खुद मौके पर पहुंचे तब स्थिति की गंभीरता खुलकर सामने आई।

हरदा पॉलिटेक्निक कॉलेज की जर्जर हालत ने बढ़ाई चिंता

निरीक्षण के दौरान पता चला कि कॉलेज की इमारत वर्ष 1962 में बनी थी और अब इसकी हालत काफी खराब हो चुकी है। कई कमरों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई दे रही हैं। कुछ जगहों पर छत से प्लास्टर गिर रहा है, जिससे छात्रों और स्टाफ की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।

खिड़कियां और दरवाजे भी टूटे हुए पाए गए। कई जगहों पर लोहे के फ्रेम जंग खा चुके हैं। ऐसे माहौल में पढ़ाई करना छात्रों के लिए मुश्किल बन रहा था। मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि इस स्थिति में किसी भी समय दुर्घटना हो सकती है, इसलिए तुरंत सुधार कार्य शुरू किया जाए। कॉलेज प्रशासन को भवन की मरम्मत और सुरक्षा के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द शासन को भेजने के निर्देश दिए गए।

गंदगी और अव्यवस्था पर मंत्री की नाराजगी

निरीक्षण के दौरान कई लैब और कक्षाओं में धूल जमी हुई मिली। उपकरण सही तरीके से रखे नहीं गए थे। कई जगहों पर पुराने और अनुपयोगी सामान का ढेर लगा हुआ था, जिससे पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा था। इस पर मंत्री ने तुरंत सफाई व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसर साफ-सुथरा होना चाहिए ताकि छात्रों को पढ़ाई के लिए अच्छा वातावरण मिल सके। पुरानी और बेकार सामग्री की नीलामी कर नई और जरूरी सामग्री खरीदने का भी आदेश दिया गया। इससे लैब और कक्षाओं में आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए दिए विशेष निर्देश

मंत्री इंदर सिंह परमार ने कॉलेज के शिक्षकों और स्टाफ को निर्देश दिया कि अधिक से अधिक छात्रों को नियमित रूप से कॉलेज बुलाया जाए और प्रैक्टिकल क्लासेस कराई जाएं। तकनीकी शिक्षा में प्रैक्टिकल का बहुत महत्व होता है। यदि छात्र लैब में काम नहीं करेंगे तो उनकी पढ़ाई अधूरी रह जाएगी। इसलिए उन्होंने कहा कि छात्रों की उपस्थिति और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज को इस तरह विकसित किया जाए कि छात्र यहां पढ़कर अच्छे तकनीकी विशेषज्ञ बन सकें और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।