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फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में सुनामी झूला टूटने से बड़ा हादसा, बचाव कार्य में जुटे इंस्पेक्टर की मौत, 13 लोग घायल

Written by:Rishabh Namdev
Published:
फरीदाबाद में चल रहे अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। यहां लगा सुनामी झूला टूटने से 13 लोग घायल हो गए, जबकि बचाव कार्य में जुटे पलवल में तैनात एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में सुनामी झूला टूटने से बड़ा हादसा, बचाव कार्य में जुटे इंस्पेक्टर की मौत, 13 लोग घायल

अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेले में शनिवार का दिन हादसों के नाम रहा, जहां शाम के वक्त एक विशालकाय ‘सुनामी झूला’ टूटने से अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में बचाव कार्य के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद मेले में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार शाम करीब 6:15 बजे हुआ। मृतक की पहचान पलवल में तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के रूप में हुई है, जो घटना के समय लोगों को बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया।

प्रशासन ने की मौत की पुष्टि

घटना की सूचना मिलते ही जिला उपायुक्त (डीसी) आयुष सिंह, एमडी टूरिज्म और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसी आयुष सिंह ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि झूले के गिरने से कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन द्वारा तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

“इस हादसे में कुल 13 लोग घायल हुए हैं जिनमें से एक की मौत हुई है। यह झूला शाम 6.15 के आस पास गिरा था।” — डीसी आयुष सिंह

एक ही दिन में दूसरा हादसा

यह गौर करने वाली बात है कि शनिवार को मेले में यह दूसरा हादसा था। इससे पहले दिन में, फूड कोर्ट में तेज हवा के कारण एक गेट गिर गया था, जिससे दो लोग घायल हो गए थे। इसमें एक बच्चे को मामूली चोटें आईं, जबकि एक युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसे बाद में छुट्टी दे दी गई। एक ही दिन में दो घटनाओं ने मेले के आयोजकों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई

हादसे के तुरंत बाद, पुलिस और प्रशासन की टीमों ने घटनास्थल की घेराबंदी कर दी और लोगों को वहां से हटाया। झूले के मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया गया। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आयोजकों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।