केंद्रीय कैबिनेट मंत्री राजीव रंजन सिंह, जिन्हें ललन सिंह के नाम से भी जाना जाता है, ने शुक्रवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को विपक्ष के नेता पद की गरिमा का बिल्कुल भी ज्ञान नहीं है और उनमें एक नेता के कर्तव्यों की मूलभूत समझ का अभाव है।
ललन सिंह कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) के मेला ग्राउंड में चल रहे 41वें राज्य स्तरीय पशु मेले में शिरकत करने पहुंचे थे। उनके साथ इंद्री विधानसभा क्षेत्र के विधायक राम कुमार कश्यप भी मौजूद थे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने संसद की कार्यवाही बाधित करने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया।
“आज विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद नहीं चलने दे रहे हैं। विपक्ष के नेता की भी एक गरिमा होती है, लेकिन उनको उसका भी ज्ञान नहीं है। इस तरह के नेता को कौन समझा सकता है?” — ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री
उन्होंने आगे कहा कि विपक्ष को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चेहरा पसंद नहीं आ रहा, लेकिन यह उनकी मजबूरी है। ललन सिंह ने दावा किया कि पूरे देश की जनता ने पीएम मोदी के चेहरे पर भरोसा जताया है, इसीलिए उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाया है और इसी वजह से विपक्ष की लोकप्रियता लगातार घट रही है।
पशु मेले में रैंप पर जानवरों का अनोखा कैटवॉक
राजनीतिक बयानों के बीच, यह पशु मेला अपने एक अनूठे आयोजन के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। मेले में पशुओं के लिए एक विशेष ‘रैंप शो’ आयोजित किया गया, जहां बेहतरीन नस्ल के जानवरों ने कैटवॉक किया। इस शो को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हुए।
मारवाड़ी नस्ल के एक घोड़े ने अपनी शानदार चाल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया, तो वहीं एक बीकानेरी ऊंट अपने मालिक की ताल पर कदम मिलाकर नाचता और करतब दिखाता नजर आया। लोगों ने इस अनोखे दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया। इनके अलावा सजे-धजे बकरे, गाय-भैंस और झोटे भी अपने मालिकों के साथ रैंप पर चलते दिखाई दिए।
53 श्रेणियों में 1500 से ज्यादा पशु ले रहे हिस्सा
यह 41वां राज्य स्तरीय पशु मेला है, जिसमें करीब 1500 बेहतरीन नस्ल के पशु शामिल हुए हैं। इनमें गाय, भैंस, भेड़, बकरी, ऊंट, घोड़ा और खच्चर की विभिन्न नस्लें शामिल हैं। आयोजकों के अनुसार, पशुओं के लिए कुल 53 विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं, जिसमें विजेता पशुपालकों को सम्मानित किया जाएगा।





