हरियाणा में ‘सेहत’ का ‘मास्टरस्ट्रोक’! 135 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मिली हरी झंडी, इतने करोड़ रुपये होंगे खर्च

हरियाणा में ‘सेहत’ का ‘मास्टरस्ट्रोक’! 135 स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मिली हरी झंडी, इतने करोड़ रुपये होंगे खर्च

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार पूरी कोशिश कर रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने 135 नए स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण को मंजूरी दी है। इन पर करीब 74.43 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य आम जनता को आसान और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं देना है। सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच हो। इससे खासकर ग्रामीण इलाकों में इलाज की सुविधा बढ़ेगी और लोगों को राहत मिलेगी।

126 सब हेल्थ सेंटर और 9 पब्लिक हेल्थ यूनिट्स बनेंगी

मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि इन नए संस्थानों में 126 सब हेल्थ सेंटर शामिल हैं, जिन पर करीब 6993 लाख रुपये खर्च होंगे। इसके साथ ही 9 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट्स भी बनाई जाएंगी, जिन पर 450 लाख रुपये की लागत आएगी। ये संस्थान महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, गुरुग्राम, झज्जर, जींद, करनाल, कुरुक्षेत्र, कैथल, पलवल, पानीपत और सोनीपत जैसे जिलों में स्थापित होंगे। वहीं सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी, झज्जर और पानीपत में पब्लिक हेल्थ यूनिट्स बनाए जाएंगे, जिससे इलाज की सुविधा बढ़ेगी।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी नागरिक को बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े। डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना और नए अस्पताल व केंद्र बनाना इसकी मुख्य प्राथमिकता है। मंत्री ने यह भी कहा कि जहां भी जरूरत होगी, वहां नए स्वास्थ्य संस्थान बनाए जाएंगे। इससे आम लोगों को समय पर इलाज मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।

बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं से हर नागरिक तक पहुंचे मदद

आरती सिंह राव ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। किसी भी गांव या शहर में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी नहीं रहने दी जाएगी। नए अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र बनने से आम लोगों को इलाज के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इसके अलावा डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार की कोशिश है कि हरियाणा का कोई नागरिक बीमारी के चलते परेशान न हो। स्वास्थ्य सेवाओं के इस विस्तार से प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।

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