हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन (25 फरवरी) नौकरियों पर भ्रष्टाचार के आरोपों और राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया रहा। सदन में कार्य स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिसके बाद कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
मामले की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने HPSC में कथित भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा, “हमारे यहां पर्ची-खर्ची चलती थी, लेकिन इनके यहां तो HPSC ऑफिस में अटैची की अटैची मिल रही है।” इस पर सरकार की तरफ से तीखा पलटवार हुआ।
HCS गायत्री को हुड्डा की रिश्तेदार बताया
बहस में शामिल होते हुए मंत्री मूलचंद शर्मा ने कांग्रेस पर हमला बोला और कहा कि उनके समय में नौकरियां रोहतक से बांटी जाती थीं। उन्होंने आरोप लगाया, “गायत्री हुड्डा, राजेंद्र सिंह हुड्डा की बेटी हैं, जो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के भतीजे हैं।” हालांकि, भूपेंद्र हुड्डा ने इस आरोप को तुरंत खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “हम पांच भाई हैं, किसी के भी बेटे का नाम राजेंद्र नहीं है। मंत्री अपनी बात साबित करें।”
इसी बीच, विधायक बीबी बत्रा ने HPSC की कार्यप्रणाली की एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच की मांग की। उन्होंने दावा किया कि जब वह 13 महीने तक SPSC में थे, तो उन पर सदस्य दबाव बनाते थे, जिससे वह रोने तक को मजबूर हो गए थे।
सीएम सैनी का ‘भर्ती रोको गैंग’ पर हमला
इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मोर्चा संभाला और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने एक ‘भर्ती रोको गैंग’ खड़ा किया है, जिसके कारण ज्यादातर भर्तियां कोर्ट में फंसीं। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि अदालतों ने सभी भर्तियों पर मुहर लगाकर उन्हें सही ठहराया है।
“इनके पदाधिकारी ने ही आरोप लगाए हैं कि इनके समय में एक जिले में 50% नौकरियां मिलती थीं, सुरजेवाला को 30% और पूरे हरियाणा के हिस्से में 20% आती थीं। बुआ का लड़का, मौसी का लकड़ा, कोई भतीजा, कोई भांजा, इन्हीं के इर्दगिर्द नौकरियां घूमती थीं।” — नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री, हरियाणा
सीएम सैनी ने कहा कि कांग्रेस के समय में चयन किसी का होता था और नौकरी किसी और को मिलती थी, जिसके उन्होंने तीन उदाहरण भी दिखाए।
हाउस अरेस्ट के मुद्दे पर कांग्रेस का वॉकआउट
इससे पहले सदन में कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने का मुद्दा भी गूंजा। विधायक बीबी बत्रा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे सुरक्षा का सवाल बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि यह कार्रवाई यूटी प्रशासन ने की है और विधानसभा परिसर में नहीं हुई, इसलिए यह यहां का विषय नहीं है। इस पर हुड्डा ने चेतावनी दी कि अगर सरकार जवाब नहीं देगी तो वे मुख्यमंत्री को सदन से बाहर नहीं निकलने देंगे।
बहस के दौरान मंत्री महिपाल ढांडा ने हुड्डा पर तंज कसते हुए कहा, “क्या आप सदन में सिर्फ गुलछर्रे उड़ाने आते हो?” इस टिप्पणी के बाद कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा के बीच बनेगा कॉरिडोर
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी ने एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की। उन्होंने बताया कि 24 फरवरी को हुई बैठक में गुरुग्राम से फरीदाबाद और नोएडा के बीच बनने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) कॉरिडोर के अंतिम एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी गई है। इस कॉरिडोर का 52 किलोमीटर का हिस्सा हरियाणा में होगा, जो गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होकर फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ेगा।






