
haryana assembly
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में पास किए गए “हरियाणा विधानसभा सदस्य (वेतन, भत्ते एवं पेंशन) संशोधन विधेयक, 2025” के अंतर्गत पूर्व विधायकों (MLAs) को मेडिकल भत्ता उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के तहत वे जिनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो गई है और जो पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें हर माह 10,000 रुपए तक का चिकित्सा सहारा मिलेगा जो छोटे मोटे मेडिकल खर्चों के लिए काफी उपयोगी रहेगा।
मुख्यमंत्री नैय्यब सिंह सैनी ने विधानसभा में घोषणा की कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में उत्तर प्रदेश से संबंधित नहीं, बल्कि हरियाणा के 121 परिवारों के सदस्यों को रोजगार प्रदान किया जाएगा। यह एक न्यायपूर्ण राहत की पहल है जिसमें हर प्रभावित परिवार से एक पात्र सदस्य को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी नौकरी दी जाएगी—लेकिन यह तभी संभव होगा जब संबंधित परिवार अपनी सहमति सहित नाम अविलंब जिले के उपायुक्त के माध्यम से मुख्य सचिव को उपलब्ध कराए।
शहादत दिवस को श्रद्धांजलि
हरियाणा विधानसभा सत्र के दौरान सदन में श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत दिवस को श्रद्धांजलि देने की एक प्रस्तावना भी पेश की गई। मुख्यमंत्री ने बैठक में याद दिलाया कि गुरु ने कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, अंबाला और रोहतक जैसे क्षेत्रों में मानवता और स्वतंत्रता का संदेश फैलाया। इसके अलावा, सत्र में CET परीक्षा में अनियमितताओं, मेहम में जलभराव, और ग्रामीण इलाकों में खराब पंप सेट की समस्या जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
स्वास्थ्य आवश्यकताओं में मदद
हरियाणा सरकार का यह निर्णय दो महत्वपूर्ण वर्गों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है एक ओर पूर्व विधायकों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं में मदद ताकि वे स्वायत्त तरीके से इलाज करवा सकें, दूसरी ओर 1984 की मार्मिक त्रासदी से प्रभावित परिवारों को रोजगार के माध्यम से सम्मान और न्याय दिलाया जा सके। ये कदम सामाजिक न्याय और कल्याण को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रमुख पहल हैं।
