चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, जो वित्त मंत्री का पदभार भी संभाल रहे हैं, सोमवार को विधानसभा में अपना दूसरा बजट पेश करेंगे। उम्मीद है कि यह बजट करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये का होगा और इसमें किसी नए कर का प्रस्ताव नहीं होगा। यह बजट ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के अनुरूप ‘विकसित हरियाणा 2047’ को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बजट तैयार करने से पहले राज्य भर में विभिन्न वर्गों से सुझाव भी लिए हैं।
सरकार का दृष्टिकोण ‘रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म’ के मंत्र पर आधारित है, जिसका उद्देश्य राजस्व बढ़ाने के बजाय संसाधनों के बेहतर उपयोग और पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देना है। इस बजट में तकनीक-सक्षम और आत्मनिर्भर हरियाणा की नींव रखने पर जोर दिया जाएगा।
युवाओं और तकनीक पर खास फोकस
भविष्य की अर्थव्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका को समझते हुए सरकार ने एक बड़ी योजना तैयार की है। इसके तहत 50,000 युवाओं को AI में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा जा सकता है, जिससे अगले छह वर्षों में एक लाख नए रोजगार पैदा करने की योजना है। शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।
कक्षा 3 से 12 तक AI आधारित शिक्षा को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। 250 पीएमश्री स्कूलों में आधुनिक एटीएल-स्टेम लैब और आईसीटी लैब स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा, 10वीं कक्षा के शीर्ष 100 मेधावी छात्रों को वैश्विक अनुभव प्रदान करने के लिए देश-विदेश के भ्रमण पर भेजा जाएगा। स्कूलों में जर्मन और जापानी जैसी विदेशी भाषाओं का शिक्षण भी शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि 15 अगस्त तक राज्य के किसी भी सरकारी स्कूल में बच्चे फर्श पर न बैठें, जिसके लिए ड्यूल डेस्क की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों और ग्रामीण विकास के लिए बड़ी घोषणाएं
कृषि क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है। सरकार का लक्ष्य शुरुआती चरण में एक लाख एकड़ भूमि को प्राकृतिक खेती के दायरे में लाना है, जिसे 2047 तक 6.40 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का रोडमैप है। प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि में वृद्धि की जा सकती है।
दलहन फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को इनपुट लागत में राहत दी जा सकती है। जीटी बेल्ट के दो जिलों में आलू और टमाटर के लिए विशेष सब्जी मंडियां खोलने का भी ऐलान संभव है। इसके साथ ही, ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना का विस्तार कर ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति को और मजबूत किया जाएगा। डेयरी और पोल्ट्री फार्मों पर 500 किलोवाट से अधिक क्षमता के सोलर प्लांट लगाने की अनुमति मिल सकती है, ताकि वे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकें।
खेल और इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार
हरियाणा की पहचान खेल शक्ति के रूप में है और इसे और मजबूत करने के लिए इस बार खेल बजट को बढ़ाकर 800 करोड़ रुपये तक किया जा सकता है। राज्य में खेल शिक्षा बोर्ड के गठन का प्रस्ताव भी विचाराधीन है, जो देश में अपनी तरह का पहला बोर्ड होगा। यह बोर्ड खिलाड़ियों को अकादमिक प्रणाली में अतिरिक्त क्रेडिट देने का ढांचा तैयार करेगा।
एक बड़ी परियोजना के तहत केएमपी और मुंबई एक्सप्रेसवे के पास 120 एकड़ भूमि पर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल गांव विकसित करने की योजना है। इसमें 70,000 दर्शक क्षमता वाला क्रिकेट स्टेडियम और अन्य आधुनिक सुविधाएं होंगी। ढांचागत विकास के तहत, एनसीआर में रोडवेज के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी और नई उद्योग नीति के तहत उद्योगपतियों को राहत देने के लिए नियमों में ढील दी जा सकती है।





