हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: Public Holiday पर भी काम करेंगे कर्मचारी, कई विभागों की छुट्टी रद्द

हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: Public Holiday पर भी काम करेंगे कर्मचारी, कई विभागों की छुट्टी रद्द

हरियाणा सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना’ को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। योजना के शुभारंभ में कोई खामी न रह जाए, इसके लिए सरकार ने पब्लिक हॉलीडे तक कैंसिल कर दिए हैं। अब अधिकारी छुट्टी के दिन भी दफ्तरों में मौजूद रहकर कामकाज संभालेंगे।

सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID), समाज कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी 22 और 23 सितंबर को भी काम करेंगे, भले ही ये दिन सार्वजनिक अवकाश हों। इसके साथ ही राजस्व विभाग को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। सरकार का कहना है कि योजना के क्रियान्वयन में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी अधिकारी और कर्मचारी समय पर अपनी जिम्मेदारियां पूरी करें ताकि योजना का लाभ लोगों तक बिना देरी के पहुंचे।


पंचकूला में होगा राज्य स्तरीय शुभारंभ

‘लाडो लक्ष्मी योजना’ का ट्रायल चरण पहले ही सफल रहा है और इसमें कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई। अब 25 सितंबर को पंचकूला में राज्य स्तरीय कार्यक्रम के जरिए इसका औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मोबाइल ऐप भी लॉन्च करेंगे, जिसके जरिए महिलाएं आसानी से पंजीकरण कर सकेंगी। सरकार का दावा है कि इस योजना से हजारों महिलाओं को सीधा फायदा मिलेगा और समाज में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।


वरिष्ठ अधिकारी निगरानी में जुटे

योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की भी विशेष तैनाती की गई है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) जी. अनुपमा और अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) सुधीर राजपाल लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलाधिकारियों से समीक्षा बैठकें कर रहे हैं। रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त रखा गया है और पात्र महिलाओं को इसके लिए किसी भी तरह का पैसा नहीं देना होगा। यदि कोई उनसे पैसे की मांग करता है, तो वह सीधे पुलिस या महिला हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकती हैं।


पात्रता और बड़ा लक्ष्य

लाडो लक्ष्मी योजना के लिए पात्र महिला की न्यूनतम आयु 23 वर्ष होनी चाहिए। परिवार की वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और महिला या उसका पति कम से कम 15 साल से हरियाणा का निवासी होना चाहिए। सरकार का मानना है कि इस योजना से न सिर्फ महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उन्हें समाज में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मदद भी मिलेगी। सरकार का दावा है कि यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

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