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हरियाणा विधानसभा ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण संशोधन पारित किया है, जिससे विधायकों को घर या कार के लिए मिलने वाली एडवांस राशि में बड़े बदलाव आए हैं। अब इस एडवांस राशि पर उम्र की सीमा हटा दी गई है और कई नए विकल्प खुले हैं। इस नए हरियाणा विधानसभा (सदस्य सुविधा) संशोधन विधेयक, 2025 के माध्यम से विधायकों को मौजूदा नियम में कई ढील मिली है। पिछले छह सालों में यह तीसरी बार है जब यह कानून बदला गया है। अब नए नियमों के तहत विधायक अपना ही पहला एडवांस चुका कर दोबारा भी वही सुविधा पा सकते हैं—जिसमें अब उम्र से संबंधित कोई पाबंदी नहीं रहेगी।
नए कानून के मुताबिक, अब विधायकों को यह विकल्प मिलता है, कि एक करोड़ रुपये तक का एडवांस: यह राशि या तो घर बनाने/खरीदने में, या कार लेने में, या दोनों मिलाकर इस्तेमाल की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी विधायक ने पहले घर का एडवांस लिया था और उसे चुका दिया है, तो अब वो फिर से (उम्र की कोई पाबंदी नहीं) गाड़ी या घर के लिए यह एडवांस ले सकता है। विधायकों को केवल एक बार ही एडवांस मिलता था, उम्र 60 की सीमा थी, अब उम्र देखे बिना, दोबारा से एडवांस लेने की अनुमति है।
मरम्मत के लिए सहायता
सिर्फ नए एडवांस पर ही सीमा नहीं — अब मकान की मुंबई दरार, बढ़ोतरी या मरम्मत आदि के लिए 10 लाख रुपये तक का अतिरिक्त एडवांस लिया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ऐसा माना गया है कि घर का पहले से लिया एडवांस ब्याज सहित चुका दिया जाए। यह एडवांस बिना आधिकारिक ऋण की तरह ही होता है। विधायक इसे ब्याज सहित (जो कि मात्र 4%) समय के साथ विधानसभा सचिवालय को चुकाते हैं। विधायक पुनः तभी नए एडवांस का हकदार बनते हैं जब उनका पिछला एडवांस पूरी तरह चुका दिया गया हो।
सरकार की मंशा या आवश्यकता?
सरकारी तर्क के अनुसार, महंगाई के इस दौर में 80 लाख रुपये पर्याप्त नहीं हैं। विधायकों को आवास और गाड़ी जैसे विषयों में बेहतर विकल्प चाहिए और यह संशोधन इसी को ध्यान में रखकर प्रस्तावित किया गया। हरियाणा सरकार ने एक बड़ा सुधार किया है, जिसमें विधायकों को बीते कोर्ट की आधारी आकस्मिकताओं को ध्यान में रखते हुए, घर और गाड़ी के लिए मिलने वाले एडवांस में अधिक लचीलापन और सुविधा मिली है। यह बदलाव उम्र की ऊंची बाधा हटाकर और मरम्मत खर्चों को कवर करके उनका आर्थिक बोझ कम करेगा।
