एशिया कप के भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर राजनीति और भावनाएं लगातार गरमाई हुई हैं, लेकिन इस बार यह सिर्फ खेल का मुद्दा नहीं रह गया। पहलगाम आतंकी हमले में अपने बेटे विनय नरवाल को खो चुके उनके पिता राजेश नरवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमें खेल का नहीं, बल्कि पाकिस्तान का विरोध करना चाहिए। उनका कहना है कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले देश के साथ किसी भी खेल में शामिल होना ठीक नहीं है।

पाकिस्तान का हर खेल में बायकॉट होना चाहिए

राजेश नरवाल ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और वहां के नेता और मिलिट्री इस दिशा में सक्रिय हैं। ऐसे में हमें सिर्फ मैच का विरोध नहीं करना है, बल्कि पाकिस्तान को हर खेल प्रतियोगिता में शामिल होने से रोकना चाहिए। उनका कहना है कि यदि पाकिस्तान को खेलों में लगातार बायकॉट किया जाएगा तो वहां की जनता भी समझ सकेगी कि क्यों यह विरोध हो रहा है और उनका देश आतंकवाद का समर्थन कर रहा है।

सिर्फ मैं नहीं, पूरे भारत को करना चाहिए बायकॉट

नरवाल ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान का विरोध केवल उनके लिए नहीं है, बल्कि पूरे भारत के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले में 26 निर्दोष लोग मारे गए और उनके परिवारों की पीड़ा सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है, यह पूरे देश की चोट है। ऐसे में सभी भारतीयों को पाकिस्तान का हर खेल में बायकॉट करना चाहिए, ताकि संदेश साफ जाए कि आतंकवाद और हिंसा का समर्थन करने वाले देशों को खेलों में कोई जगह नहीं है।

टूर्नामेंट का विरोध नहीं, देश का संदेश देना है

राजेश नरवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोध टूर्नामेंट के खिलाफ नहीं होना चाहिए, बल्कि यह संदेश देना है कि पाकिस्तान जैसी टीम को प्रतियोगिताओं में शामिल नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि खेल का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सुरक्षा और देशभक्ति के नजरिए से भी अहम है। उन्होंने सभी भारतीयों से अपील की कि वे इस मामले में संवेदनशील बनें और पाकिस्तान के खेलों में भाग लेने पर विरोध जताएं।