देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव के लिए मंगवाई EVM, दोबारा हुई मतगणना

देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव के लिए मंगवाई EVM, दोबारा हुई मतगणना

हरियाणा के पानीपत जिले के बुआना लाखु गांव में सरपंच पद को लेकर ऐसा विवाद खड़ा हुआ, जो देश के इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ईवीएम मंगवाई और दोबारा वोटों की गिनती करवाई, जिसके बाद चुनाव परिणाम ही पलट गया। अब कोर्ट के आदेश पर मोहित मलिक को सरपंच घोषित कर दिया गया है।

देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने मंगवाई ईवीएम

यह देश के इतिहास में पहली बार हुआ, जब सुप्रीम कोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनाव से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए ईवीएम मंगवाने का आदेश दिया। पानीपत के बुआना लाखु गांव में हुए सरपंच चुनाव में भारी गड़बड़ी सामने आई थी। कोर्ट ने दोबारा मतगणना करवाई, जिसमें साफ हुआ कि मोहित मलिक असल विजेता हैं। कोर्ट ने जिला प्रशासन को आदेश दिया कि दो दिन के भीतर मोहित को विजयी घोषित कर नोटिफिकेशन जारी करें और उन्हें शपथ दिलाई जाए।

एक अफसर की गलती से दो सरपंच बन गए

यह सारा विवाद तब शुरू हुआ, जब 2 नवंबर 2024 को हुए पंचायत चुनाव में एक बूथ पर पीठासीन अधिकारी से बड़ी चूक हो गई। गांव में कुल 7 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन मुख्य मुकाबला मोहित और कुलदीप के बीच था। बूथ नंबर 69 पर दोनों प्रत्याशियों के वोट उलटे दर्ज हो गए – यानी मोहित को मिले वोट कुलदीप के नाम पर जुड़ गए और कुलदीप के वोट मोहित को दे दिए गए।

इस चूक की वजह से गलत गणना के आधार पर कुलदीप को विजयी घोषित कर दिया गया और उन्हें विजेता का प्रमाणपत्र भी दे दिया गया। लेकिन गांव वालों ने जब खुद बूथवार आंकड़े देखे तो इस गड़बड़ी का खुलासा हुआ।

री-काउंटिंग में सामने आई सच्चाई, बदला गया रिजल्ट

गांव के लोगों ने यह गलती प्रशासन के सामने रखी। इसके बाद रिटर्निंग अधिकारी ने दोबारा मतगणना करवाई, जिसमें पता चला कि असली विजेता तो मोहित मलिक हैं, जो कुलदीप से 51 वोटों से आगे थे। तुरंत एक्शन लेते हुए कुलदीप को मिला प्रमाणपत्र रद्द किया गया और मोहित को नया प्रमाणपत्र देकर विजयी घोषित किया गया।

हालांकि, कुलदीप ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी। मामला पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां पूरे मामले की बारीकी से जांच हुई और अंत में कोर्ट ने मोहित को ही सही विजेता माना।

स्वतंत्रता दिवस से पहले मिलेगी शपथ, बोले मोहित

मोहित मलिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह स्वतंत्रता दिवस से पहले शपथ लेने की तैयारी में हैं और प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने भी सभी जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब जल्द ही मोहित को गांव के नए सरपंच के रूप में शपथ दिलाई जाएगी।

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