मंगलवार को 22 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव, इंदौर में 173 पहुंचा आंकड़ा

मंगलवार को 22 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव, इंदौर में 173 पहुंचा आंकड़ा

इंदौर/आकाश धोलपुरे

इंदौर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जिसके चलते शहर देश के कोरोना हॉट स्पाट में शामिल हो गया है। इंदौर में हर दिन पॉजिटिव मरीज बढ़ रहे हैं, वहीं कोरोना से मौत के आंकड़े भी। इस बीच राहत की बात ये है कि शहर के 11 मरीज डिस्चार्ज किये जा चुके है और सभी अपने आशियानों तक पहुँच चुके है।

इंदौर में मंगलवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी किये गए बुलेटिन के हिसाब से मंगलवार को 22 और पॉजिटिव मरीज मिले है जिसके बाद अब तक शहर में कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या 173 पर पहुंच गई है। वहीं मरने वालों का आंकड़ा 15 तक जा पहुंचा है। बता दे कि मंंगलवार को जारी की गई रिपोर्ट में 2 लोगों की मौत का जानकारी सामने आई है जिसमें शिक्षक नगर निवासी 84 वर्षीय वृद्ध की मौत 5 अप्रैल और नेहरू नगर निवासी 30 वर्षीय युवक की मौत 3 अप्रैल को हो चुकी है, लेकिन उनकी रिपोर्ट अब आई है। इसके बाद अब इंदौर में मरने वालों की संख्या 15 हो चुकी है । एमजीएम रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर में 139 कोरोना संक्रमितों की हालत स्थिर है और 8 मरीजों की स्थिति गम्भीर बनी हुई है।

इधर, इंदौर के अलावा अब तक उज्जैन के 6, खरगोन के 4 और बड़वानी के 3 मरीजों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव है। वहीं उत्तर प्रदेश के कोशाम्बी में रहने वाले एक शख्स की जांच भी एमजीएम इंदौर में की गई जो कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। इसके अलावा अब तक कोरोना से उज्जैन के 2 तो खरगोन के 1 संक्रमित मरीज की मौत हो चुकी है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews