इंदौर में कोरोना को लेकर प्रशासन के रूख सख्त, कोविड पर लगाम कसना है प्राथमिकता

इंदौर में कोरोना को लेकर प्रशासन के रूख सख्त, कोविड पर लगाम कसना है प्राथमिकता

इंदौर।आकाश धोलपुरे

आज रमजान का पहला दिन है जिसके चलते मुस्लिम धर्मांलंबियो द्वारा आज से रोजे रखे जा रहे है। दरअसल, कोविड पेशेंट और क्वॉरेंटाइन सेंटर(quarantine center) भेजे गए लोगों द्वारा रमजान महीने में रोजा रखने के उपरांत विशेष खानपान की मांग की जा रही है जिसे जिला प्रशासन ने सिरे से खारिज कर दिया है।

जिला प्रशासन का कहना है कि किसी भी धर्म के लिए पूर्व में भी कोई विशेष व्यवस्था नहीं दी गई है फिर कोई भी धार्मिक त्यौहार क्यों न आए हो किसी को भी कोई खास व्यवस्था नहीं दी गई है और समानता के आधार पर सभी को समान व्यवस्था दी गई है। इंदौर जिला कलेक्टर(district collector) ने कहा कि अभी प्रशासन की प्राथमिकता कोविड(covid) से लड़ना है और इसी कड़ी में कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार(central government) की छूट की गाइडलाइन पर कलेक्टर मनीष सिंह ने कहा कि अगर बाजार खोले गए तो 29 मार्च और 1 अप्रैल को जो स्थिति इंदौर की थी उससे कई गुना स्थिति अगले 5 दिन में बढ़ कर सामने आएगी क्योंकि कोविड के सबसे ज्यादा और शुरुआती मरीज विशेष क्षेत्रो से ही आए है।

इसलिए रमजान में घर से इबादत करने की सलाह दी गई है। सामान्यतः जो सुविधा सभी को दी जा रही है उन्हीं सुविधाओं के साथ रोजमर्रा की दिनचर्या का निर्वहन करने की बात भी प्रशासन ने की है। दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा बाजार खोलने को लेकर जो गाइडलाइन(guideline) जारी की गई है उसमें इंदौर फीट नही बैठता है लिहाजा इंदौर(indore) में कर्फ्यू की स्थिति बरकरार रहेगी जब तक कि ये सुनिश्चित ना हो जाये कि कोविड का फैलाव न हो। कलेक्टर(collector) ने यह भी कहा कि कोविड को लेकर घर-घर स्क्रीनिंग(screening) की जा रही है डाटा ऐप में लोड किया जा रहा है ताकि भविष्य में भी कोविड की चैन को पकड़ने में आसानी रहे।

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