प्रदेश की सियासी घटनाक्रम के बीच अब राजभवन में भी हलचल तेज

प्रदेश की सियासी घटनाक्रम के बीच अब राजभवन में भी हलचल तेज

भोपाल।

प्रदेश की सियासी गतिविधियों के बीच अब मध्य प्रदेश(madhya pradesh) राजभवन में भी हलचल तेज हो गई है। खबर के मुताबिक अभी अभी हरियाणा(hariyana) के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी और महाधिवक्ता पुष्पेंद्र कौरव राजभवन पहुंचे हैं। जिसके बाद से कई तरह की चर्चा तेज हो गई है। उम्मीद की जा रही है कि राजभवन की शक्तियों को लेकर राज्यपाल लालजी टंडन(lalji tandon) इन लोगों से सलाह मशवरा कर सकते हैं।

वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भी राज्यपाल लालजी टंडन से मिलने के लिए पहुंचा था। जहाँ पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chouhan) के अलावा नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव(gopal bhargava), भूपेंद्र सिंह(bhupendra singh), पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा(narottam mishra) और रामपाल सिंह(rampal singh) शामिल थे। बीजेपी(bjp) प्रतिनिधि मंडल ने राज्यपाल टंडन से कमलनाथ सरकार(kamalnath government) के बहुमत साबित करने की मांग की है।बीजेपी द्वारा 16 मार्च को शुरू होने वाले सत्र के पहले दिन सरकार से बहुमत साबित करने की मांग की गई है। जहां राज्यपाल टंडन से 22 विधायकों के इस्तीफे का जिक्र भी किया गया है।

बताते चलें कि इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री चौहान के गृह निवास पर बीजेपी नेताओं की बड़ी बैठक हुई थी। जहां बीजेपी के सभी कद्दावर नेता मौजूद थे। बैठक में फ्लोर टेस्ट(floor test) को लेकर चर्चाएं भी हुई थी। अटकलें तेज है कि बजट सत्र के पहले ही दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद बीजेपी कमलनाथ सरकार से बहुमत साबित करने की मांग कर सकती है। वहीं सूचना के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष प्रजापति 2 विधायकों पर सख्त कार्रवाई कर सकते हैं।

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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