उपचुनाव: सिलावट-गुड्डू को चुनौती देने पू्र्व मंत्री के समर्थक ने ठोकी ताल

अरूण यादव

इंदौर। आकाश धोलपुरे।

एक तरफ तो मध्यप्रदेश में कोरोना की जंग जारी है वही दूसरी तरफ उपचुनाव की राजनीतिक जंग की शुरुआत भी हो चुकी है और आये दिन इस चुनावी जंग के नए नए पहलू सामने आ रहे है। दरअसल, मध्यप्रदेश में भले ही इस वक्त कोरोना के काफ़िर रंगों को फीका कर उसे मिटाने की कोशिश की जा रही हो लेकिन इंदौर के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में नित नए रंग देखने को मिल रहे यहां सिंधिया समर्थक मंत्री कभी कांग्रेस के दिग्गजों को बीजेपी में शामिल करवा रहे है तो कभी वो कोरोना की गम्भीरता को नकारते हुए एक बड़े जनसमुदाय में उपस्थिति दर्ज कराते नजर आ रहे है। इधर, प्रेमचंद गुड्डू भी अपने राजनीतिक अनुभव का फायदा उठाते हुए तुलसी सिलावट की राजनीतिक चमक को गुलजार नही होने देना चाहते है। इसी राजनीतिक हलचल के बीच के एक बड़ी खबर ये सामने आई है कि सांवेर विधानसभा में तुलसी के आंगन में अब प्रेम की बजाय पंछी के उड़ सकता है। दरअसल, प्रेमचंद गुड्डू के खिलाफ कांग्रेस के अंतर्विरोध के बाद अरुण यादव समर्थक का नाम सामने आ रहा है। बीते 30 वर्षो से कांग्रेस के लिये एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में सेवा दे रहे मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश महासचिव मुकेश झाझोंट ने दावा किया है कि प्रेमचंद गुड्डू को वो और उनके समर्थक किसी भी हालत में उपचुनाव में उतरने नही देंगे बल्कि उनके राजनीतिक अनुभव से प्रेरणा लेकर वो स्वयं सांवेर विधानसभा में चुनौती देंगे। बता दे कि गुड्डू के विरोध के बाद कांग्रेस इंदौर में विकल्प तलाश रही है ऐसे में खबर ये भी सामने आ रही है कि इसी सिलसिले में पूर्व सीएम कमलनाथ ने मुकेश झांझोट (पंछी) को भोपाल बुलाया भी है। फिलहाल, सांवेर की बैर में बीजेपी की तरफ से तो नाम तय माना जा रहा है लेकिन कांग्रेस के प्रदेश महासचिव की दावेदारी के सामने आने के बाद एक बार फिर इंदौर की राजनीति में उबाल आ गया है जिसके बाद कांग्रेस किस राह पर चलेगी ये अभी भी सवाल है क्योंकि इसके पहले भी कांग्रेस ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के महासचिव मुकेश झांझोट (पंछी) को कभी पंधाना तो कभी महेश्वर के सपने दिखाये है। फिलहाल, ये तो तय है कि अबकी बार कांग्रेस में उपचुनाव के एपी सेंटर सांवेर में और भी दावेदारी सामने आ सकती है फिलहाल तो अरुण यादव समर्थक मुकेश झांझोट (पंछी) उड़ान भरने को तैयार है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews