सांवेर गिरफ्तारी देने पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ता, जीतू पटवारी ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को दी ये चेतावनी

सांवेर गिरफ्तारी देने पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ता, जीतू पटवारी ने अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को दी ये चेतावनी

इंदौर, आकाश धोलपुरे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन पर मध्यप्रदेश में सात दिनों के लिए राजकीय शोक घोषित किया गया है। ऐसे में मंगलवार को सांवेर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने रैली निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसके बाद कार्यक्रम का एक वीडियो भी वायरल हुआ था।

हालांकि कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेसियों ने पूर्व राष्ट्रपति के लिए श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया था। इधर, सोशल डिस्टेंसिंग के नियमो की धज्जियां उड़ाने के मामले में सांवेर थाने में 34 कांग्रेसी नेताओं पर FIR दर्ज कर ली गई, सांवेर पुलिस की कार्रवाई के बाद गुरुवार को कांग्रेसी बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सांवेर थाने गिरफ्तारी देने पहुंचे।

इस दौरान एसडीओपी पंकज दीक्षित व थाना प्रभारी संतोष दूधी से कांग्रेसियों की बहस भी हुई। वही कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सांवेर थाने पर जमकर हंगामा मचाया। इस दौरान पूर्व मंत्री जीतू पटवारी, विधायक संजय शुक्ला, विशाल पटेल, प्रेमचंद गुड्डू कांग्रेस जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव सहित कई लोग रहे मौजूद थे। कांग्रेसियों ने पुलिस द्वारा की गई एफआईआर पर आपत्ति जताई।

पूर्व मंत्री और राउ से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी ने जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट पर भी जमकर निशाना साधा और कहा कि वो 8 दिन के है और बीजेपी के प्रदेश में 42 दिन बचे है, ऐसे में उन्होंने अधिकारियों को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि वो बीजेपी समर्थक बनकर काम न करे।

आगे पूर्व मंत्री ने कहा कि किसानों को मंत्री रहते हुए तुलसी सिलावट 40 हजार प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा क्यो नही दिलवा पा रहे है। पूर्व मंत्री ने कहा कि सांवेर बीजेपी कार्यकर्ताओं में ही तुलसी सिलावट का भारी विरोध है। साथ ही मंत्री सिलावट पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि मैं तो सरल व्यक्ति हूं, लेकिन प्रेमचंद गुड्डू की आटा चक्की बहुत बारीक पिसती है इस बात का ध्यान रखे।

इधर, उन्होंने सीएम शिवराज के इंदौर आगमन के दौरान हुई हजारों बीजेपी कार्यकर्ताओं की एकत्रित भीड़ को लेकर भी प्रशासन को जमकर कोसा और कहा कि अधिकारी नौकर की तर्ज पर काम करे है। पटवारी ने ये सवाल भी उठाया कि उस वक्त क्यों प्रशासनिक कार्रवाई  की गई।

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