ऑनलाइन सुविधाओं का मजाक बनाने वालों पर निगम की सख्ती, घर जाकर लोगों से लगवाई उठक बैठक

ऑनलाइन सुविधाओं का मजाक बनाने वालों पर निगम की सख्ती, घर जाकर लोगों से लगवाई उठक बैठक

इंदौर/आकाश धोलपुरे

इंदौर में कोरोना संकट से जुड़ी सुविधाओं का मजाक बनाने वालों की कमी नही है। मंगलवार को इसी के चलते इंदौर नगर निगम के जोन नम्बर 19 के अधिकारी और कर्मचारियों ने ऐसे लोगो को उन्ही के घर पहुँचकर सबक सिखाया।

दरअसल, इंदौर में नगर निगम द्वारा राशन खरीदी के लिए ऑनलाइन सुविधा की चेन शुरू की गई है जिससे लोगों को लॉक डाउन के दौरान घर बैठे ही खाद्य सामग्री, किराना विक्रेताओं द्वारा पहुंचाई जा सके। लेकिन, इंदौर में कुछ लोगो ने सुविधा वाली व्यवस्था को मजाक बनाकर निगम को ही दुविधा में डालने की कोशिश की। जिसके बाद निगम अधिकारियों ने ऐसे लोगो को सबक सिखाने की ठान ली। इसी के चलते निगम के अधिकारी जोन के एक ऐसे क्षेत्र में पहुँचे जहां से एक युवक ने राशन के ऑर्डर के नाम पर खाली स्थान छोड़ दिया था और इसके बाद विक्रेता की शिकायत पर जोन 19 के जोनल अधिकारी वैभव देवलासे अपनी टीम के साथ युवक के घर जा पहुंचे। उन्होंने युवक को गलती का अहसास कराने के साथ ही जमकर डांट भी पिलाई । इतना ही नही युवक ने जब कहा कि मैं ऑनलाइन सुविधा की जांच कर रहा था तब अधिकारी ने कहा कि आप लोगों के लिए कर्मचारी अपनी जान दांव लगा रहे हैं और आप ऐसी नागवार हरकत कर रहे है। इसके बाद निगम अधिकारी देवलासे ने युवक को जब थाने ले जाकर कार्रवाई की बात कही तो युवक ने माफी मांगी और गलती ना दोहराने के संकल्प के साथ कान पकड़कर उठक बैठक भी लगाई।

इधर, एक महाशय तो ऐसे निकले कि उन्होंने राशन सामग्री में महज एक साबुन का ही आर्डर दे डाला। बाद में जब निगम अधिकारी उसके घर पहुंचे तो वह बच्चों द्वारा की गई गलती का बहाना बनाने लगा और कहने लगा कि साइट पर गलती से टच हो गया। तब जोनल अधिकारी ने उसे जमकर फटकार लगाई और इसके बाद उस व्यक्ति ने माफी मांगी और गलती स्वीकार कर आगे से ना दोहराने की बात भी की।

ब्लेंक ऑर्डर और एक साबुन का ऑर्डर देने वाले लोगों ने व्यवस्था को मजाक बनाकर रख दिया है लेकिन ऐसे लोगों ये अंदाजा नही है की इस मुश्किल घड़ी में उन्होंने कितने लोगों को बेवजह ही परेशान कर डाला है। फिलहाल, मजाक बनाने वाले दोनों लोगों की किरकिरी उनकी कॉलोनी में हो रही है। ऐसे में हम भी आपसे अपील करते है कि कोरोना जैसे भयावह संकट के बीच प्रशासन की व्यवस्थाओं को गम्भीरता से लेकर सहयोग करें नहीं तो किसी को भी कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।

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