Coronavirus: आखरी समय में पिता से मिल ना सकी बेटी, तस्वीर से लिपट फूट-फूटकर रोई

Coronavirus: आखरी समय में पिता से मिल ना सकी बेटी, तस्वीर से लिपट फूट-फूटकर रोई

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

कोरोना वायरस की जंग को 16 दिनों तक एक योद्धा की तरह लड़ रहे उज्जैन के नीलगंगा थाना टीआई यशवंत पाल आखिर में नियति के आगे नतमस्तक हो गए क्योंकि नियति को कुछ और ही मंजूर था और मंगलवार सुबह 5 बजकर 10 मिनिट पर उन्होंने इंदौर के अरविंदो अस्पताल में दम तोड़ दिया। देश और समाज के प्रति अपने फर्ज को ही कर्म मानने वाले टीआई यशवंत पाल की कोरोना से हुई मौत के बाद उनका अंतिम संस्कार इंदौर के रामबाग मुक्तिधाम में किया गया। जहां उज्जैन और इंदौर पुलिस के आला अधिकारी भी अपने बहादुर आफिसर को अंतिम विदाई देने पहुँचे थे।

कोरोना से जंग में शहीद हुए टीआई यशवंत पाल की पत्नि मीना पाल धार में तहसीलदार है वही उनकी दो बेटियां इंदौर के विजयनगर में रहती है। विदाई के अंतिम पड़ाव पर पहुंचे परिजनो ने नम आंखों से अपने परिवार के सबसे बड़े और अहम हिस्से को विदाई दी। इस दौरान बेटियां फफक फफक कर रो पड़ी तो तहसीलदार पत्नि भी अचानक टूटे दुःख के पहाड़ पर विलाप करती नजर आई। जानकारी के मुताबिक शहीद पुलिस अफसर ने सोमवार रात को आखरी बार वीडियो कॉल के जरिये पत्नि और बेटियों से बात की थी। इस दौरान बेटी ने पापा से कहा था कि आपको आना होगा, आप स्ट्रांग पापा हो। लेकिन विधि के विधान को पलटा नही जा सका जिसके बाद मंगलवार को एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसे जिसने भी देखा उसकी आँखों से बरबस ही आंसू झलक पड़े। पीपीई कीट पहनी बेटी वास्तविक रूप में पिता के अंतिम दर्शन करना चाह रही थी लेकिन कोरोना प्रोटोकॉल के चलते उसे ये इजाजत नही मिली लिहाजा, बेटी ने मुक्तिधाम परिसर में ही पिता की तस्वीर से लिपटकर अपनी पीड़ा बताई लेकिन पिता बेटी की पीड़ा नही सुन पा रहे थे और बिलखती बेटी ये आस में थी कि तस्वीर में से पापा निकलकर आएंगे और उसे गले लगा लेंगे। दर्द भरी इस तस्वीर ने साफ कर दिया है कि खाकी के पीछे भी पुलिस का अपना परिवार होता है लेकिन कई लोगो को गलतफहमी रहती है कि पुलिस हमेशा मजे में रहती है। इधर, तहसीलदार पत्नि ने बताया कि “मेरे पति बहुत साहसी थे। वे फर्ज को सबसे ऊपर रखते थे। इसलिए, मुझे उन पर गर्व है।

बता दे कि मध्यप्रदेश के इंदौर में रविवार को देवेंद्र चंद्रवंशी कोरोना से लंबी जंग लड़ने के बाद शहीद हो गए थे वही 48 घण्टे के भीतर पुलिस महकमे ने अपने एक और काबिल पुलिस अफसर यशवंत पाल को खो दिया। जिसकी भरपाई करना तो मुश्किल है लेकिन कोरोना को हराकर सच्ची श्रद्धांजलि के प्रयासों में पूरा महकमा अभी भी देश सेवा में जुटा हुआ है।

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