इंदौर सांसद के घर के करीब पहुंचा कोरोना, पड़ोस में रहने वाली 2 बहने पॉजिटिव

इंदौर सांसद के घर के करीब पहुंचा कोरोना, पड़ोस में रहने वाली 2 बहने पॉजिटिव

इंदौर।आकाश धोलपुरे।

एक तरफ कोरोना का कहर इंदौर में बदस्तूर जारी है और अब कोरोना वायरस का संक्रमण नए क्षेत्रो में फैल रहा है। बताया जा रहा है कि सोमवार रात को आई रिपोर्ट के मुताबिक शहर में 43 नए पॉजिटिव केस सामने आए है जिसके चलते अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1654 तक जा पहुंची है। इधर, कोरोना से जुड़े नए मामले अब, शहर के पाश इलाको से भी सामने आ रहे है। जानकारी के मुताबिक इंदौर के उत्कर्ष विहार मनीषपूरी कालोनी मे रहने वाली 2 बहने कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। जिस क्षेत्र में ये पॉजिटिव मामले सामने आए है उस क्षेत्र में इंदौर से बीजेपी सांसद शंकर लालवानी का निवास है। उनके निवास से कुछ ही कदमो की दूरी पर पॉजिटिव केस मिले है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक दोनों बहनों के पॉजिटिव होने की आधिकारिक पुष्टि नही की है लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक एक बहन जो कि 1 माह पूर्व हैदराबाद से लौटी थी वो कोरोना पॉजिटिव पाई गई है जिसके बाद दूसरी बहन मे भी लक्षण आने की बात सामने आ रही है। वही जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक दोनों बहनों के परिजनों को भी क्वारेंटाइन किये जाने की तैयारी है। बता दे कि इंदौर में सांसद शंकर लालवानी के घर के करीब रहने वाले परिवार के सदस्यों के संक्रमित मामले की बात जब सामने आई तो हरकत में आये प्रशासन ने मेडिकल टीम को तुरंत क्षेत्र में भेज दिया हालांकि अब तक अधिकारियों ने इस मामले की पुष्टि नहीं की है।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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