राम मंदिर की बात पर भावुक हुए प्रदेश के ये मंत्री, कहा- प्रधानमंत्री पर गर्व है

राम मंदिर की बात पर भावुक हुए प्रदेश के ये मंत्री, कहा- प्रधानमंत्री पर गर्व है

सागर, मनीष तिवारी

3 जुलाई को अयोध्या में होने वाले भव्य राम मंदिर के शिलान्यास और भूमी पूजन और 5 जुलाई को होने वाले कार्यक्रम को लेकर पूरे देश में चर्चा और प्रतीक्षा का माहौल है। मंदिर के निर्माण के लिए हो रहे कार्यक्रम को लेकर चर्चा करते हुए राजस्व एंव परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत भी भावुक हो गए।

दरअसल, राजपूत एक नीजि कार्यक्रम में लोधी समाज को संबोधित कर रहे थे तभी राम मंदिर के विषय में चर्चा करते हुए उन्होने कहा कि बीजेपी में आकर उन्हे बहुत गर्व महसूस हो रहा है, क्योंकि जब वह छात्र जीवन में थे पढ़ाई कर रहे थे तो उन्होने देखा था कि राम मंदिर के लिए उस वक्त बीजेपी के अटल बिहारी बाजपेयीजी सहित आडवानी, उमा भारती और अन्य नेताओं सहित सभी जगह राम मंदिर की चर्चा थी और पूरा देश राम मय था पर कांग्रेस ही थी जो राममय नहीं थी।

उन्होने कहा की उन्हे गर्व है कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 अगस्त को राम मंदिर का काम शुरु होगा और तब पूरा देश खुशियाँ मनाएंगा जैसे श्री राम के अयोध्या लौटने पर मनाई गई थी। उन्होने कहा की उनकी सुरखी विधानसभा में भी उन्होने कहा है कि 5 तारिख को सुरखी विधानसभा के हर घर में दिए जलाए जाएंगे।

गौरतलब है कि राजस्व एंव परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत सुरखी विधानसभा से पूर्व में कांग्रेस के विधायक थे और अब वहीं से उपचुनाव में बीजेपी के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ेगें। जिसको लेकर लगातार वे अलग अलग समाजजनों की बैठक भी कर रहे हैं। इसी दौरान आज बैठक में उन्होने राम जन्मभूमी पर यह बात कही इस दौरान वे राम जन्मभूमी की बात पर भावुक होते नज़र आए।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews