MP Jail Headquater: मध्यप्रदेश जेल मुख्यालय में बड़े पैमाने पर हुई पदस्थापना, देखें पूरी लिस्ट

MP Jail Headquater: मध्यप्रदेश जेल मुख्यालय में बड़े पैमाने पर हुई पदस्थापना, देखें पूरी लिस्ट

MP Jail Headquater Posting: मध्यप्रदेश के जेल मुख्यालय में बड़े पैमाने पर पदस्थापना हुई है। कई मुख्य प्रहरी को कार्यवाहक तौर पर जिम्मेदारी दी गई है। गुरुवार को महानिदेशक, जेक एव सुधारात्मक सेवाएं की अध्यक्षता में आयोजित हुई छानबीन कमिटी के बाद मुख्य प्रहरी को उच्च प्रभार देने के लिए दिशा-निर्देश जारी किये गए हैं। यह अस्थायी रूप से होगा। आगामी आदेश के लिए इन पदों पर मुख्य प्रहरी कार्यरत रहेंगे।

कुल 173 मुख्य प्रहरी का पदस्थापन किया गया है। कार्यवाहक प्रभार वाले मुख्य प्रहारीगण अपने पोस्ट के साथ जिम्मेदारी निभाएंगे। साथ ही सभी अधिकारों और ड्यूटी का पालन भी भी करेंगे। इस आदेश को किसी भी समय बिना किसी पूर्व सूचना के सक्षम प्राधिकारी द्वारा निरस्त करके इससे जुड़े मूल पद पर वापस भी किया जा सकता है।

श्री अम्मन प्रसाद श्रीवास को सब जेल वारासिवनी से सब जेल सरदारपुर ट्रांसफर किया गया है। श्री देवेन्द्र सिंह का केन्द्रीय जेल सतना से सब जेल कन्नौद, श्री मुनेंद्र प्रसाद अग्निहोत्री का केन्द्रीय जेल जबलपुर से केन्द्रीय जेल इंदौर, श्री राघवेंद्र मिश्रा का केन्द्रीय जेल सतना से केन्द्रीय जेल इंदौर, श्री रामरूप सिंह कुशवाहा का सेंट्रल जेल ग्वालियर से जिला जेल मंदसौर, श्री फूलसिंघ गिरवाल का केन्द्रीय जेल उज्जैन से सब जेल सारंगपुर, श्री महासिंह तेकाम का सेब जेल सीहोर से केन्द्रीय जेल नरसिंहपुर में पदस्थापन किया गया है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews