अब BJP विधायक ने दी सिंधिया को सलाह

अब BJP विधायक ने दी सिंधिया को सलाह

इंदौर।आकाश धौलपुरे।
मुख्यमंत्री कमलनाथ और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच चल रही तनातनी का फायदा बीजेपी उठाने की कोशिश कर रही है ।इंदौर से बीजेपी के विधायक रमेश मेंदोला ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को एक पत्र लिखा है और इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस के वचन पत्र की याद दिलाने पर मुख्यमंत्री ने आपके साथ जैसा व्यवहार किया वह बेहद दुखदाई और पीड़ा दाई है।आपकी पीड़ा का अंदाज लगाया जा सकता है ।

आगे मेंदोला ने लिखा है कि हनुमानजी को कलयुग का देवता माना जाता है और हनुमान जी सब के संकट और पीड़ा हर लेते हैं। पीङा के इन क्षणों में हनुमान जी की भक्ति आपको शक्ति और साहस देगी। इस पत्र के माध्यम से मैं आपको इंदौर में श्री पितेश्वर हनुमान धाम में प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आमंत्रित करता हूं ।

आखिर में मेंदोला ने लिखा है कि यह पत्र बहुत शुभ भाव से प्रेरित है, इसका राजनीतिक अर्थ नहीं लगाये। दरअसल इंदौर में बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के संकल्प के अनुसार अष्टधातु से निर्मित हनुमान जी की विश्व की सबसे विराट हनुमान प्रतिमा स्थापित की जा रही है ।24 फरवरी से शुरू हुआ प्राण प्रतिष्ठा समारोह 3 मार्च तक चलेगा। इस विराट प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में देशभर के साधु संत भी आएंगे।

मेंदोला ने लिखा है कि इस विराट प्रतिमा के सामने हनुमान चालीसा का पाठ आपको अपनी पार्टी से मिली चुनौती को पूरा करने और पार्टी में आपके साथ हो रहे अन्याय से लड़ने व जीतने की शक्ति देगा

Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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