सहारा पीड़ितों को अब महाराज का सहारा, जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

सहारा पीड़ितों को अब महाराज का सहारा, जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं

नई दिल्ली, डेस्क रिपोर्ट। मुरैना जिले के 300 से ज्यादा लोगों ने न्याय न मिलने से परेशान होकर अब केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का दरवाजा खटखटाया है। सोमवार को नई दिल्ली स्थित उनके ऑफिस में सहारा के सताए लोगों ने सिंधिया से मुलाकात की और उनसे सहारा मे निवेशित जिंदगी भर की अपनी जमा पूंजी वापस लौटवाने की फरियाद की।
देश भर में करोड़ों लोगों का अरबों खरबों रुपया डकार बैठी सहारा इंडिया कंपनी के खिलाफ अब मध्य प्रदेश की जनता तेजी से मुखर हो रही है। लगभग डेढ़ माह पहले मुरैना जिले के दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिराज सिंधिया से बीजेपी नेता और मुरैना भाजपा जिला मंत्री राजेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मुरैना में मिला था और सिंधिया को बताया था कि मुरैना में लाखों लोगों का पैसा सहारा इंडिया कंपनी वापस नहीं लौटा रही है।

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सिंधिया के हस्तक्षेप के बाद तुरंत इस दिशा में कानूनी कार्यवाही हुई और मुरैना में एसपी ने एक एसआईटी का गठन इस मामले की जांच के लिए किया। डेढ़ माह बीतने को है लेकिन एसआईटी की कार्यवाही अभी तक अंजाम तक नहीं पहुंची है। सहारा के पीड़ित निवेशकों ने अपना दर्द सुनाने के लिए सोमवार को एक बार फिर बीजेपी नेता राजेंद्र शुक्ला के नेतृत्व में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नई दिल्ली स्थित ऑफिस में उनसे मुलाकात की। इन लोगों में कैलारस, सबलगढ़, जौरा, अंबाह व पोरसा के लोग शामिल थे।

लोगों ने बताया कि किस तरह उन्होंने अपनी जीवन भर की संचित कमाई सहारा इंडिया में इसलिए निवेश की थी क्योंकि कंपनी के द्वारा लोकलुभावन ऑफर दिया गया था कि रकम दोगुनी तीन गुनी हो जाएगी। लेकिन अब पैसे लौटाने के नाम पर कंपनी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। किसी के यहां बीमारी है तो किसी के यहां बेटी का विवाह होना है। किसी को अपने बच्चों के भविष्य के लिए पैसे की जरूरत है तो किसी को कोरो काल ने बेरोजगार कर दिया है और सहारा में संचित पूजी ही उसका एक सहारा हो सकती है। सिंधिया ने पीड़ित निवेशकों के साथ जमीन पर बैठकर उनकी फरियाद सुनी और उन्हें आश्वासन दिलाया कि वे केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर बातचीत करके इस समस्या का जल्द से जल्द समाधान निकालेंगे। सिंधिया ने तुरंत फोन करके सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार विजय कुमार को पीड़ितों की फरियाद सुनने के लिए कहां और पीड़ितों को उनके पास भेजा।

Manisha Kumari Pandey
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