…तो इसलिए ‘महाराज’ से मिलना चाहते है ‘राजा साहब’, देखें वीडियो

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अशोकनगर। हितेन्द्र बुधौलिया। पूरे प्रदेश में दिग्विजय सिंह एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच गुना में होने वाली बैठक की चर्चा जोरों पर है ।इस बैठक को लेकर तमाम कयास लगाए जा रहे हैं। इस बैठक से कुछ देर पहले अशोक नगर पहुंचे दिग्विजय सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि अगर मैं सिंधिया से नहीं मिलता तो लोग कहते कि हम लोगों के बीच तनातनी है। इसी वजह से यह बैठक हो रही है।

चंदेरी के कांग्रेस विधायक गोपाल सिंह चौहान के पुत्र की शादी में शामिल होकर अशोक नगर पहुंचे दिग्विजय सिंह से स्थानीय विश्राम गृह में पत्रकारों ने बातचीत की, उनसे पूछा कि आपकी और सिंधिया के बीच बैठक किस मुद्दे को लेकर हो रही है। तो दिग्विजय सिंह ने कहा की बहुत समय बाद ऐसा हुआ कि वह और ज्योतिरादित्य सिंधिया दोनों एक साथ गुना में है। और ऐसे में अगर मैं उनसे नहीं मिलते तो लोग कयास लगाते कि हम लोगों के बीच तनातनी है । इसी वजह से उनके और सिंधिया के बीच यह बैठक होने जा रही है। सिंधिया के पुराने संसदीय क्षेत्र में दिए दिग्विजय सिंह के इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

लोगों का मानना है कि बीते दिनों सिंधिया के सड़क पर उतरने वाले बयान के बाद आई खबरों एवं चर्चाओं पर विराम लगाने के लिए यह दिग्विजय सिंह की पहल हो सकती है। ताकि यह संदेश दिया जा सके पार्टी कि पार्टी के बड़े नेताओं में सब कुछ सामान्य होने जा रहा है। बीते 17 सालो के बाद दिग्विजय सिंह किसी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अशोकनगर आए थे इसके पहले सिंधिया के संसदीय क्षेत्र के अशोकनगर से दिग्विजय सिंह की दूरी बनी रही है ।इस बाबत पूछने पर दिग्विजय सिंह ने कहा कि इतने सालों में सिंधिया और कांग्रेसियों ने अशोकनगर का खूब विकास किया है ।

शिवराज सिंह चौहान पर पूछे गए सवाल को लेकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि वह गर्त में जा रहे है उनकी ही पार्टी के नरोत्तम मिश्रा ,नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव और कैलाश विजयवर्गीय सब के सब शिवराज सिंह को पीछे धकेलने में लगे है। इसके अलावा कंप्यूटर बाबा पर पूछे सवाल का भी दिग्विजय सिंह गोलमोल जवाब देकर चले गए उन्होंने कहा कि जो योग्यता उनमें है।वह दूसरे में नहीं है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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