प्रदेश के “हैप्पीनेस” को दोबारा शुरू कर सकते हैं शिवराज, दिए संकेत

प्रदेश के “हैप्पीनेस” को दोबारा शुरू कर सकते हैं शिवराज, दिए संकेत

भोपाल।

मुख्यमंत्री(chiefminister) शिवराज सिंह चौहान(shivraj singh chouhan) ने हैप्पीनेस (आनंद) विभाग(happiness project) के पुनः शुरू करने के संकेत दिए हैं और कहा कि कोरोना(corona) रोगियों के मनोबल को बढ़ाने में मदद करने के लिए स्वयंसेवकों (आनंदकों) का इस्तेमाल किया जाएगा। अपने पहले कार्यकाल के दौरान कमलनाथ(kamalnath) सरकार ने चौहान सरकार के एक पालतू प्रोजेक्ट हैप्पीनेस डिपार्टमेंट(happiness department) को बंद कर दिया था। यह कहते हुए कि कोरोना के रोगियों का तनाव मुक्त वातावरण में इलाज किया जाना चाहिए और उन्हें नकारात्मकता से दूर नहीं होने देना चाहिए। मुख्यमंत्री चौहान(CM Chauhan) ने कहा कि संगीत, फिल्मों की स्क्रीनिंग(screenig), प्रेरणादायक संदेश और मनोरंजन कार्यक्रम कोविद के अस्पतालों(hospitals) में ऑडियो-वीडियो(audio-video) के माध्यम से दिखाए जाने चाहिए।

वहीं सीएम ने कहा कि अन्य राज्यों से आने वाले मजदूरों का स्वास्थ्य प्रशिक्षण और स्क्रीनिंग जिलों की सीमा पर की जानी चाहिए। उन्हें यथासंभव होम क्वारंटाइन(home quarantine) में रखा जाना चाहिए और यदि आवश्यक हो तो उन्हें संस्थागत रूप से क्वारंटाइन(quarantine) रखना चाहिए। जो मजदूर अपने जिलों में जाना चाहते हैं। उन्हें अनुमति दी जानी चाहिए। जिला कलेक्टरों(collectors) द्वारा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।सीएम चौहान ने यह भी निर्देश दिया कि सभी जिलों में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। किराना दुकानों को 12 घंटे खोलने की अनुमति दी जानी चाहिए और किसी भी दुकान पर भीड़ की अनुमति नहीं होगी।

इधर गेहूं के खरीदी पर बात करते हुए मुख्यमंत्री चौहान ने कोरोना संकट के दौरान राज्य में गेहूं की अच्छी खरीद के लिए सभी संबंधितों की सराहना की। प्रमुख सचिव शशिशेखर शुक्ला ने बताया कि अब तक राज्य के विभिन्न खरीद केंद्रों पर 3.58 किसानों से 15.84 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। कल 61,000 किसानों से 2.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। खरीदे गए गेहूं का 65% से 70% तक परिवहन पहले ही हो चुका है। किसान अनुशासित तरीके से खरीद केंद्रों पर आ रहे हैं और सुरक्षात्मक उपायों के बीच अपना गेहूं बेच रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि समर्थन मूल्य पर चना और मसूर की खरीद के साथ ही सरसों की खरीद का काम भी जल्द शुरू किया जाए।

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