बढ़ सकती हैं मध्य प्रदेश के इस मंत्री की मुश्किलें, पहले भी लग चुके आरोप

रेमडेसिविर इंजेक्शन

इंदौर, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट (Tulsi Silawat) विवादों के घेरे में है। दरअसल रेमडेसिवीर इंजेक्शन (Remdesivir) की कालाबाजारी में मंत्री जी की पत्नी के ड्राइवर का नाम आने के बाद इस मामले में सियासत गरमा गई है। कांग्रेस मंत्री से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफे की मांग कर रही है।

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सोमवार को विजय नगर की पुलिस ने पुनीत अग्रवाल नाम के व्यक्ति को रेमेडेसिवीर इंजेक्शन ब्लैक में बेचते हुए पकड़ा था। पुनीत अग्रवाल इंपैक्ट नाम की ट्रैवल एजेंसी में काम करता है और जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा.पूर्णिमा गडरिया का वाहन चलाता है जो पिछले दिनों कलेक्टर मनीष सिंह के साथ हुए विवाद के कारण सुर्खियों में आई थी। विजय नगर की पुलिस ने उसे 15000 रूपये में रेमेडेसिवीर इंजेक्शन बेचते हुए पकड़ा था। कोर्ट में जाने के पहले मीडिया से चर्चा के दौरान पुनीत ने बताया कि यह इंजेक्शन उसे एक अन्य ड्राइवर गोविंद राजपूत मुहैया कराता था जो मंत्री तुलसी सिलावट की पत्नी की गाड़ी चलाता है और उसी इंपैक्ट एजेंसी से जुड़ा हुआ है। पुनीत का बयान आने के बाद सियासी हलकों में तूफान मच गया है।

दरअसल कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला पहले ही मंत्री और उनके पुत्र के ऊपर आरोप लगा चुके हैं कि वे रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं। मंत्रीजी ने इस मामले में संजय शुक्ला के ऊपर मानहानि का दावा ठोंकने की बात भी कही है। अब कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे तत्काल नैतिकता के आधार पर मंत्री तुलसी सिलावट से इस्तीफा लें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें क्योंकि इन सारे घटनाक्रम से उनके आरोपों की पुष्टि हो रही है। जो इंजेक्शन जनता को मुफ्त में मिलने चाहिए थे, वह मंत्री की मिलीभगत के चलते काला बाजारी में बिके और लोगों की जानें चली गई। वहीं पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक सज्जन वर्मा ने भी इस मामले में तत्काल तुलसी सिलावट से इस्तीफे की मांग करते हुए इसे नैतिकता के आधार पर जरूरी बताया है। यह पहला मौका नहीं है जब तुलसी सिलावट विवादों के घेरे में आए हो। कांग्रेस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए उन्हीं की पार्टी के दो विधायकों ने उन पर और उनके पुत्र पर तबादलों के नाम पर पैसे लेने के संगीन आरोप लगाए थे। लेकिन क्योंकि विधायक भी सिंधिया गुट के थे, इसीलिए बाद में मामला सुलझ गया। अब ताजा विवाद मंत्री जी की मुश्किले बढ़ाएगा, इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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