उमा भारती ने ठेला लगाकर बेचा पोहा-जलेबी, टीकमगढ़ नगरपालिका की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के खिलाफ खोला मोर्चा

उमा भारती अलग मिज़ाज की नेता हैं। कभी वो शराबबंदी की मांग को लेकर शराब की दुकान के सामने गायों को बांध अपना विरोध जताती हैं, कभी प्रदेश के मुख्यमंत्री को इस मुद्दे पर कड़ी भाषा में खुला पत्र लिख देती हैं। एक बार फिर उनके विरोध का अनोखा अंदाज़ देखने को मिला जब वो प्रशासन द्वारा गरीब दुकानदारों पर अतिक्रमण हटाओ अभियान की मुखालफत करते दिखीं। उन्होंने इस कार्रवाई को बीजेपी के आदर्श के विरूद्ध बताया है।
Uma Bharti Poha Jalebi

Uma Bharti

टीकमगढ़ नगर पालिका और जिला प्रशासन द्वारा शहर में अतिक्रमण को हटाने के लिए चलाए गए अभियान को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया हैं। मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए पोहा‑जलेबी का ठेला लगाकर पोहा बेचने लगीं।

इस मामले पर उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि टीकमगढ़ नगर पालिका एवं विधानसभा भाजपा के पास नहीं थी, अन्यथा यह अन्यायपूर्ण कार्रवाई कल नहीं होती। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि नगर पालिका की ये कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का पहले डंडा उनपर पड़ना चाहिए जो प्रथम पंक्ति में है। आखिरी पंक्ति में जो गरीब आदमी खड़ा है उसका नंबर सबसे आखिर में आना चाहिए लेकिन यहां जो कार्रवाई हो रही है वो अमानवीय है।

उमा भारती ने बेचा पोहा-जलेबी

टीकमगढ़ नगर पालिका द्वारा शहर में सड़क किनारे लगे ठेले और रेहड़ियों को हटाने की अतिक्रमण हटाओ मुहिम के बाद मंगलवार सुबह एक अनोखा दृश्य देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती सिविल लाइन इलाके में पहुंचीं और प्रतिकात्मक विरोध के तौर पर एक पोहा‑जलेबी के ठेले पर खुद पोहा जलेबी बेचने लगीं।

प्रशासन की अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई का विरोध किया

बता दें कि सोमवार को टीकमगढ़ नगर पालिका ने अतिक्रमण अभियान के तहत कई छोटे विक्रेताओं के ठेले हटाए थे, जिससे उनके सामने रोजी‑रोटी का संकट पैदा हो गया। इन परिस्थितियों में उमा भारती ने मंगलवार सुबह सड़क किनारे खड़े होकर खुद पोहा बेचना शुरू किया और प्रशासन की इस कार्रवाई को तानाशाहीपूर्ण बताया।

कहा “बीजेपी के आदर्श के खिलाफ है ये कार्रवाई”

उमा भारती ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि टीकमगढ़ नगर पालिका एवं विधानसभा भाजपा के पास नहीं है अन्यथा इस तरह की अन्यायपूर्ण कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि जहां गरीबों के ठेले हटाए गए, वहां चारों तरफ संसाधन संपन्न लोगों के घर और रेस्टोरेंट आज भी अतिक्रमण के नियमों की अवहेलना करते हुए चुनौतीपूर्ण स्थिति में मौजूद हैं। पूर्व सीएम ने कहा कि कोई भी सुधार समाज के समर्थ व्यक्ति पर सबसे पहले और गरीब व्यक्ति पर सबसे आखिरी में लागू होते हैं और यही बीजेपी का आदर्श है। उन्होंने इस कार्रवाई को अमानवीय बताते हुए कहा कि वो पूरी ताकत से इसका का विरोध करेंगीं।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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