कहीं आप भी वर्कप्लेस एंग्जायटी का शिकार तो नहीं हो रहे, जानें लक्षण और इससे डील करने का तरीका

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Workplace Anxiety Tips: अक्सर ऑफिस में काम के दबाव के चलते लोग वर्कप्लेस एंग्जायटी का शिकार हो जाते हैं। एक दो बार ऑफिस या फिर किसी भी कार्य स्थल पर डिप्रेशन या एंग्जायटी जैसा महसूस करना आम बात है लेकिन अगर हर कभी आप डिप्रेशन या एंजायटी महसूस करते हैं तो यह भारी समस्या हो सकती है। इसके पीछे का कारण सिर्फ काम का लोड ही नहीं हो सकता बल्कि कई बार सहकर्मियों का व्यवहार, बॉस का व्यवहार , कार्यस्थल पर हो रही कुछ बातें भी इसका मुख्य कारण हो सकती है। इससे न सिर्फ सेहत प्रभावित होती है बल्कि आपका काम भी बिगड़ जाता है। ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए या यूं कहें कि वर्कप्लेस एंग्जायटी से डील करने के लिए कुछ टिप्स को अपनाना जरूरी होता है।

क्या होता है वर्कप्लेस एंग्जायटी

वर्कप्लेस एंग्जायटी एक प्रकार की ऐसी चिंता है जो काम से संबंधित गतिविधियों या विचारों से जुड़ी होती है यह चिंता आपके काम के प्रदर्शन आपके रिश्तों और आपकी सामान्य मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

वर्कप्लेस एंग्जायटी के क्या लक्षण होते हैं

वर्कप्लेस एंग्जायटी के कुछ सामान्य लक्षण है जैसे चिंता, बेचैनी, घबराहट, थकान महसूस करना ,ध्यान भटकना, सर दर्द, मांसपेशियों में तनाव या दर्द, अनिद्रा या फिर हद से ज्यादा सोना, भूख में कमी या अधिक भूख लगना, हृदय की धड़कन में तेजी या अनियमितता, पेट में ऐंठन या दर्द, सांस लेने में तकलीफ पसीना आना चक्कर आना या बेहोशी।

वर्कप्लेस एंग्जायटी से कैसे डील करें

गहरी सांस लें

वर्कप्लेस एंग्जायटी से निपटने के लिए गहरी सांस लेना एक सबसे अच्छा और फायदेमंद तरीका है। अगर आप वर्कप्लेस एंग्जायटी महसूस कर रहे हैं, तो थोड़ी देर ब्रेक लें और लंबी गहरी सांस लें। ऐसा करने से मन शांत होगा और आप थोड़ी ही देर में रिलैक्स महसूस करेंगे।

कारण पहंचानें

वर्कप्लेस एंग्जायटी होने के कई कारण हो सकते हैं इसलिए सबसे पहले कारण का पता लगाना जरूरी होता है। हालांकि इसका पता लगाना काफी मुश्किल हो सकता है। कई बार काम के दबाव के चलते एंग्जायटी होती है। हम काम पूरा करने में लगे रहते हैं लेकिन हमें एंग्जायटी होने का मुख्य कारण पता नहीं चल पाता है।

छोटे-छोटे ब्रेक्स लें

कई बार लगातार काम करने से भी वर्कप्लेस एंग्जायटी महसूस होती है ऐसे में बीच में थोड़ा-थोड़ा ब्रेक जरूर लेना चाहिए। ऐसा करने से दिमाग और मन शांत रहेगा साथ ही साथ बेहतर तरीके से काम करने में फोकस बनेगा। इसके लिए आपको ज्यादा ब्रेक नहीं बल्कि 5-5 मिनट का ब्रेक लेना।

लाइफ को बैलेंस करना सीखें

अक्सर कुछ लोग काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि वह अपनी बाकी की जिंदगी भूल जाते हैं। दोस्तों से मिलना-घूमना फिरना बंद कर देते हैं। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं करना है ऐसे करने से वर्कप्लेस एंग्जायटी बढ़ती जाती है। इसलिए काम के साथ-साथ फैमिली के लिए दोस्तों के लिए और खुद के लिए थोड़ा समय जरूर निकालें। हमेशा काम के बारे में सोच सोचकर परेशान नहीं रहें। बल्कि खुद को रिलैक्स करने के लिए समय निकालें।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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