Mental Health Tips: सोशल मीडिया यूज से 10 गुना तक बढ़ जाता है स्ट्रेस का खतरा, भूलने की हो सकती है बीमारी

आजकल यूथ जेनरेशन से लेकर बड़े बुजुर्ग हर कोई मोबाइल, लैपटॉप या फिर अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का बहुत अधिक इस्तेमाल करते हैं। जिसका दिमाग पर गहरा असर देखने को मिल रहा है।
Mental Health Tips: सोशल मीडिया यूज से 10 गुना तक बढ़ जाता है स्ट्रेस का खतरा, भूलने की हो सकती है बीमारी

Mental Health Tips : आजकल इस भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद पर ध्यान दे पाना बहुत ही मुश्किल होता है। यह न केवल लोगों को शारीरिक रूप से प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह मानसिक हेल्थ पर भी गहरा असर डाल रहा है। दरअसल, लोग अपनी बदलती लाइफस्टाइल में इतने खो चुके हैं कि उन्हें खुद के लिए वक्त नहीं मिल पाता। जिस कारण वह मानसिक तनाव, स्ट्रेस एंजायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से गिरते चले जा रहे हैं। जिनमें नींद की कमी से लेकर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का ज्यादा इस्तेमाल शामिल है। इन सारी प्रॉब्लम्स के लक्षण को व्यक्ति समय रहते ध्यान नहीं देते, जिससे आगे चलकर उन्हें अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बता दें कि अधिक स्ट्रेस जानलेवा बीमारियों का भी कारण बन सकता है। वहीं, आजकल यूथ जेनरेशन से लेकर बड़े बुजुर्ग हर कोई मोबाइल, लैपटॉप या फिर अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स का बहुत अधिक इस्तेमाल करते हैं। जिसका दिमाग पर गहरा असर देखने को मिल रहा है।

यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया के एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि आप 6 घंटे या उससे अधिक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं तो इससे एक्यूट स्ट्रेस का खतरा 10 गुना तक बढ़ जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति 30 मिनट भी अपने मोबाइल को स्क्रोल कर रहा है, तो वह स्ट्रेस की जकड़ में आते जा रहा है।

सोशल मीडिया की लत के नुकसान

  • बता दें कि सोशल मीडिया की लत से इंसान डिप्रेशन में चला जाता है। धीरे-धीरे उसके सोचने और समझने की क्षमता कम होने लगती है। साथ ही वह दिनभर आलस महसूस करता है। उसका किसी काम में मन नहीं लगता।
  • वहीं, सोशल मीडिया की लत से नींद नहीं आने की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। लोग समय से सो नहीं पाते, जिस कारण उन्हें सुबह उठकर एनर्जी फील नहीं होती और ना ही वह एनर्जेटिक होकर कोई काम कर पाते हैं। उन्हें हर वक्त ऐसा लगता है कि वह सो जाएं, लेकिन जब वह सोने जाते हैं तो उन्हें नींद नहीं आती।
  • अधिक सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वाले लोग धीरे-धीरे अकेलापन के शिकार होते चले जाते हैं। उन्हें खुद में रहना ज्यादा पसंद होता है। उन्हें ना तो किसी से बातचीत करना अच्छा लगता है और ना ही किसी की बात वह ध्यान से सुनते हैं।
  • इसके अलावा, सोशल मीडिया के इस्तेमाल से याददाश्त भी धीरे-धीरे कमजोर होने लगती है। कुछ भी सीखने की क्षमता भी काम हो जाती है। उन्हें कोई भी काम में मन नहीं लगता और अक्सर ऐसे में वह गलत कर बैठते हैं, जिससे आगे चलकर उन्हें बड़ा नुकसान झेलना पड़ता है।
  • सोशल मीडिया की अधिक लत से इंसान चिड़चिड़ापन का भी शिकार होने लगता है, क्योंकि वह दुनिया से बेखबर हो जाता है। उसे यह नहीं पता चल पाता कि वह जो कर रहा है वह सही है या नहीं।

(Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। MP Breaking News किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।)

Sanjucta Pandit
लेखक के बारे में
Sanjucta Pandit

सीनियर कंटेंट राइटर · डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन, बीए. 2022 से MP Breaking News में; पहले लाइव इंडिया, VIP News Channel और Khabar Bharat में कार्य.

मैं संयुक्ता पंडित वर्ष 2022 से MP Breaking में बतौर सीनियर कंटेंट राइटर काम कर रही हूँ। डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन और बीए की पढ़ाई करने के बाद से ही मुझे पत्रकार बनना था। जिसके लिए मैं लगातार मध्य प्रदेश की ऑनलाइन वेब साइट्स लाइव इंडिया, VIP News Channel, Khabar Bharat में काम किया है। पत्रकारिता लोकतंत्र का अघोषित चौथा स्तंभ माना जाता है। जिसका मुख्य काम है लोगों की बात को सरकार तक पहुंचाना। इसलिए मैं पिछले 5 सालों से इस क्षेत्र में कार्य कर रही हुं। View all posts by Sanjucta Pandit →
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