
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने गुरुवार को शिमला से वर्चुअल माध्यम से लाहौल घाटी में 36 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से बनने वाले पांच पुलों का शिलान्यास किया। ये पुल प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनाए जाएंगे, जिनमें चौखंग नाले पर 35 मीटर लंबा सिंगल स्पैन स्टील ट्रस ब्रिज, किशोरी नाले पर 22 मीटर, मुरिंग नाले पर, तेलिंग नाले पर 76 मीटर और चिनाव नदी पर 49 मीटर लंबा पुल शामिल है। ये सभी पुल आरसीसी और स्टील ट्रस संरचना से निर्मित होंगे, जो क्षेत्र में पर्यटन, कृषि और बागवानी के विकास को बढ़ावा देंगे।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पुल किसी भी क्षेत्र के विकास की रीढ़ होते हैं। इन पुलों के निर्माण से लाहौल घाटी में यातायात सुगम होगा और विकास की गति तेज होगी। उन्होंने बताया कि ये परियोजनाएं स्थानीय लोगों की आजीविका को बेहतर बनाने और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। समारोह में केलांग में कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी, विधायक अनुराधा राणा, डीसी किरण भड़ाना, एसडीएम आकांक्षा शर्मा, एसी टू डीसी कल्याणी गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता पवन राणा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने लाहौल के लोक निर्माण विभाग चिनाव मंडल में ऑफलाइन टेंडर की सीमा राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की। यह निर्णय विधायक अनुराधा राणा की मांग पर लिया गया, क्योंकि पहले कम सीमा के कारण विकास कार्यों की गति धीमी हो रही थी। सुक्खू ने बताया कि इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ और उपायुक्त लाहौल-स्पीति को आदेश जारी किए गए हैं, जिससे कार्यों में तेजी आएगी।
फसलों के हुए नुकसान के लिए राहत राशि की मांग
विधायक अनुराधा राणा ने बाढ़ से सड़कों, पुलों और फसलों को हुए नुकसान के लिए राहत राशि की मांग उठाई और मुख्यमंत्री को लाहौल-स्पीति दौरे का न्योता दिया। इस पर सुक्खू ने कहा कि कैबिनेट मंत्री राजेश धर्माणी के नेतृत्व में एक टीम बनाकर नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश सरकार इस रिपोर्ट के आधार पर हर संभव सहायता प्रदान करेगी, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य तेजी से हो सकें।
