शिमला में आज गुरुवार को बीजेपी ‘जन आक्रोश पदयात्रा’ निकाल रही है। दरअसल इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में महिलाएं और पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी का कहना है कि यह मार्च महिलाओं के अधिकार और राजनीतिक भागीदारी के समर्थन में किया जा रहा है। बता दें कि हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में यह पदयात्रा चौड़ा मैदान से शुरू होने वाली है। इसके लिए पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पहले ही शहर पहुंच चुके हैं।
दरअसल कार्यक्रम में मुख्य रूप से महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा। वहीं बीजेपी का आरोप है कि संसद में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े संशोधन बिल के गिरने से महिलाओं को मिलने वाले राजनीतिक अवसरों पर असर पड़ा है। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रही है।
महिला आरक्षण पर सियासी टकराव
दरअसल बीजेपी का कहना है कि महिलाओं को राजनीति में ज्यादा प्रतिनिधित्व देने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम एक अहम कदम है। पार्टी के नेताओं का दावा है कि इस कानून का उद्देश्य संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि शिमला में होने वाली यह पदयात्रा महिलाओं के सम्मान और अधिकार की आवाज को मजबूती देगी। उनके मुताबिक इस कार्यक्रम में प्रदेश के कई जिलों से महिलाएं शामिल होंगी और यह कांग्रेस की नीतियों के खिलाफ जन आक्रोश को दिखाएगा।
पदयात्रा के लिए ट्रैफिक की खास व्यवस्था
वहीं पदयात्रा में बड़ी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और पार्टी की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। दरअसल बीजेपी के प्रदेश सह-प्रभारी प्यार सिंह कुंवर ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान शहर में यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए अलग-अलग पार्किंग स्थान तय किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं के वाहनों को 103 Tunnel के पास रोककर निर्धारित पार्किंग में खड़ा कराया जाएगा। छोटे वाहनों और टेम्पो ट्रैवलर के लिए होराइजन पार्किंग तय की गई है। वहीं अलग-अलग जिलों से आने वाली बसों के लिए टूटीकंडी बाइपास और तारादेवी-टूटू बाइपास पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है।






