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बी-1 परीक्षा में अव्यवस्था पर जयराम ठाकुर का हमला, कहा—सरकार की मंशा और तैयारी पर सवाल

Written by:Neha Sharma
Published:
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पुलिस विभाग की बी-1 प्रोन्नति परीक्षा में अव्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। रीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी छह घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन तकनीकी दिक्कतें दूर नहीं हो सकीं।
बी-1 परीक्षा में अव्यवस्था पर जयराम ठाकुर का हमला, कहा—सरकार की मंशा और तैयारी पर सवाल

हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने पुलिस विभाग की बी-1 प्रोन्नति परीक्षा में अव्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। मंडी से जारी बयान में उन्होंने कहा कि परीक्षा के दौरान तकनीकी खामियों और बदइंतजामी ने सरकार की कार्यशैली को उजागर कर दिया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी छह घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन तकनीकी दिक्कतें दूर नहीं हो सकीं। कहीं पर सर्वर डाउन था तो कहीं सवालों के गलत विकल्प दिखाई दे रहे थे।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने बोला हमला

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार बिना किसी तैयारी के इतनी बड़ी परीक्षा आयोजित करवा रही है। कई केंद्रों पर मेन सर्वर लिंक नहीं हो पाया, जिससे परीक्षा बीच में ही अटक गई। कुछ जगहों पर प्रश्नों की संख्या और समय अवधि में भारी अंतर देखने को मिला। पहली पारी में बैठे अभ्यर्थियों को दूसरी पारी में भी परीक्षा देने के लिए बैठाया गया, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में अराजकता फैल गई। जब विरोध बढ़ा, तब प्रशासन ने आनन-फानन में परीक्षा रद्द कर दी। ठाकुर ने कहा कि बिना ट्रायल रन के परीक्षा करवाना सरकार की नाकामी का उदाहरण है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि इस अव्यवस्था की वजह से 4000 से ज्यादा उम्मीदवारों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई अभ्यर्थियों को अपने छोटे बच्चों के साथ घंटों इंतजार करना पड़ा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जो सरकार 4 हजार लोगों की परीक्षा ठीक से नहीं करवा सकती, वह एक लाख सरकारी नौकरियों के वादे को कैसे निभाएगी?” ठाकुर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक विद्वेष में कर्मचारी चयन आयोग को भंग कर दिया, जिससे युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं।

परीक्षा कराने वाली संस्थाएं ही खत्म कर दी…

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने एक लाख सरकारी नौकरियों की गारंटी देकर जनता से जनादेश तो हासिल कर लिया, लेकिन अब परीक्षा कराने वाली संस्थाएं ही खत्म कर दी गई हैं। इससे साफ है कि सरकार का उद्देश्य नौकरियां देना नहीं बल्कि प्रमोशन और भर्ती की प्रक्रिया को जटिल बनाना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार प्रदेश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और प्रशासनिक स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हो रही है।

इस बीच, जयराम ठाकुर ने अपने शिमला स्थित आवास पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम को भी सुना। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश की प्रतिभाओं को मंच देने का सबसे बड़ा माध्यम बन गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने और 31 अक्टूबर को सरदार पटेल जयंती पर “रन फॉर यूनिटी” में शामिल होने के आह्वान का समर्थन किया। ठाकुर ने प्रदेशवासियों से ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने की अपील की।