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हिमाचल प्रदेश: सरकारी नौकरियों का खुला पिटारा, कब्जों को नियमित करने की नीति-2026 को मंजूरी, पढ़ें सुक्खू कैबिनेट के बड़े फैसले

Written by:Gaurav Sharma
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हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने सरकारी जमीन पर कब्जों को नियमित करने की नीति को मंजूरी दी। सैकड़ों नए पद भरने, कृषि ऋण सब्सिडी और भांग की खेती को वैध बनाने जैसे कई बड़े फैसले लिए गए हैं।

सरकारी जमीन पर कब्जों को नियमित करने की नीति-2026 को हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शनिवार को हुई बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए। यह नीति उन भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के मानवीय सरोकार को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जो आवासीय, कृषि और बागवानी उद्देश्यों के लिए सरकारी भूमि पर काबिज हैं। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार यह नीति अब भारत सरकार को मंजूरी के लिए भेजी गई है। मंत्रिमंडल ने विभिन्न विभागों द्वारा पहले अस्वीकृत किए गए करुणामूलक नियुक्ति के मामलों पर पुनर्विचार करने का भी निर्णय लिया। एकमुश्त विशेष उपाय के रूप में सबसे वाजिब अस्वीकृत मामलों की दोबारा जांच होगी। आवश्यक छूट भी प्रदान की जाएगी।

किसानों के लिए कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना शुरू करने का फैसला भी लिया गया है। जिन किसानों की भूमि नीलामी के खतरे में है, उन्हें इससे लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ऐसे पात्र किसानों के तीन लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर ब्याज देनदारी का 50 प्रतिशत वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को फायदा होगा। भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरने को मंजूरी मिली है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 300 पद भरे जाएंगे। चतुर्थ श्रेणी मल्टी टास्क वर्करों के 250 पद भरने की भी स्वीकृति दी गई है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 200 स्टाफ नर्सों की भर्ती को भी मंजूरी मिली है। इसके अतिरिक्त, इसी विभाग में 162 अन्य पद भरे जाएंगे। इनमें 76 ऑपरेशन थिएटर सहायक, 36 रेडियोग्राफर और 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-2 के पद शामिल हैं। राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद सृजित कर भरे जाएंगे। मंडी के नेरचौक स्थित श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय के कार्डियोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर के दो और वरिष्ठ रेजिडेंट के दो पद भरने को स्वीकृति दी गई है। डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के छह नामित प्रोफेसरों को एकमुश्त विशेष छूट देने का निर्णय हुआ। पात्रता प्राप्त करने के लिए आवश्यक अवधि से 6 से 20 दिन कम होने के कारण यह छूट दी गई है।

देहरा अस्पताल और बीएमओ कार्यालय में नए पदों को मंजूरी

कांगड़ा जिले के सिविल अस्पताल देहरा में विभिन्न श्रेणियों के 12 पद सृजित कर भरे जाएंगे। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी कार्यालय देहरा में तीन पद भरने को भी मंजूरी मिली है। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में विभिन्न विभागों में सहायक प्रोफेसरों के 17 पद भरने का निर्णय लिया गया है। अध्ययन अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों को अब पूर्ण वेतन मिलेगा। जिन कर्मचारियों ने पहले अध्ययन अवकाश लिया था, उन्हें भी बकाया वेतन राशि का भुगतान किया जाएगा। 31 मार्च, 2026 तक लगातार सात वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दी गई है। जॉब ट्रेनी को 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान करने का निर्णय भी हुआ। हमीरपुर जिले के नेरी स्थित बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय में विभिन्न श्रेणियों के तीन पद सृजित कर भरने की मंजूरी दी गई है। मंडलायुक्त कार्यालय मंडी में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) के दो पद सृजित किए जाएंगे। होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में एक जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (आईटी) और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षित एक मल्टी टास्क वर्कर का पद भरा जाएगा। कांगड़ा जिले के बैजनाथ और बीड़ उप मंडलों के पुनर्गठन के माध्यम से चढि़यार में लोक निर्माण विभाग का नया उपमंडल स्थापित होगा। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा के तीन पद भरने का निर्णय भी मंत्रिमंडल ने लिया है।

परीक्षा शुल्क वापसी, स्वरोजगार योजना विस्तार

पूर्ववर्ती हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोड के विज्ञापन वापस लिए जाएंगे। संबंधित अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये परीक्षा शुल्क वापस करने को मंजूरी दी गई है। राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्टअप योजना का चौथा चरण आरंभ करने की मंजूरी मिली है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ई-बस खरीदने पर 50 प्रतिशत और डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। इससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं मजबूत होंगी। हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम 1989 में संशोधन को मंजूरी दी गई है। चिकित्सा एवं वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए भांग की खेती, प्रसंस्करण, निर्माण, भंडारण और परिवहन को विनियमित किया जाएगा। शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्रों के 15 अग्निकांड प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज को मंजूरी मिली है। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार सात लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। कुल 84.70 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जाएगी।

ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत, ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी

विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को केंद्रीकृत और सुव्यवस्थित करने पर विचार के लिए एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित होगी। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री इसकी अध्यक्षता करेंगे। घरेलू उपयोग के लिए खनिज परिवहन करने वाले ट्रैक्टरों की कंपाउंडिंग फीस 4,500 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने को मंजूरी दी गई है। इससे ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत मिलेगी। ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 को भी मंजूरी दी गई है। वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे। इससे पशुपालकों को रियल टाइम परमिट उपलब्ध होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। हिमकेयर योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा कवरेज को बीमा मॉडल के अंतर्गत संचालित करने का निर्णय लिया गया है। पात्र लाभार्थियों को अब पांच लाख रुपये के स्थान पर सात लाख रुपये और 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। तकनीकी शिक्षण संस्थानों के लिए राज्य नवाचार नीति को भी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप के उभरते केंद्रों के रूप में विकसित करना है। इस नीति के क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक 2 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कांगड़ा जिले के पटोला में 132/33 केवी सब स्टेशन और कंगैहण में 220 केवी स्विचिंग सब स्टेशन के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश पावर ट्रासमिशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पक्ष में 40 वर्षों की पट्टा प्रदान करने को स्वीकृति मिली है।

सरकाघाट अस्पताल 150 बिस्तरों का होगा, नए पद भी होंगे सृजित

मंडी जिले के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 बिस्तरों से बढ़ाकर 150 बिस्तर करने को स्वीकृति मिली है। इसके लिए आवश्यक पदों को सृजित कर भरा जाएगा। नागरिक अस्पताल बद्दी को 200 बिस्तरों वाले अस्पताल में स्तरोन्नत किया जाएगा। सोलन जिला के मानपुरा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलेगा। इसके संचालन के लिए आवश्यक पदों को सृजित कर भरा जाएगा। हमीरपुर जिला के मझेली में प्राथमिक स्वास्थ्य उप केंद्र खोलने को स्वीकृति मिली है। इसके सुचारू संचालन के लिए आवश्यक पदों का सृजन कर भरा जाएगा। सोलन जिले के राज्य स्तरीय शूलिनी मेले को राष्ट्रीय स्तर का दर्जा दिया गया है। चंबा जिले के छतराड़ी स्थित मां शिव शक्ति जातर मेले और कांगड़ा जिले के इंदौरा स्थित शिवरात्री मेले काठगढ़ को राज्य स्तरीय मेले का दर्जा देने को स्वीकृति मिली है। कांगड़ा जिले के मेले नेरटी रैत, सोलन के अर्की तहसील के बाड़ीधार मेले सरयांज, चंबा के छिंज मेले गरनोटा तथा मंडी के करसोग तहसील के नाहवीधार मेले को जिला स्तरीय मेले का दर्जा देने को मंजूरी दी गई है।

शिमला जिले के जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय जुब्बल में स्तरोन्नत किया जाएगा। विभिन्न श्रेणियों के 23 पद सृजित कर भरे जाएंगे। मुख्यमंत्री सहारा योजना का सुचारू और प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दी गई है। शिक्षा सचिव ने मंत्रिमंडल के समक्ष सीबीएसई विद्यालयों से संबंधित एक प्रस्तुति भी दी।

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